scriptBrave daughters: Now sobbing will not teach a lesson | बहादुर बेटियां: अब सिसकी नहीं सिखाएंगी सबक | Patrika News

बहादुर बेटियां: अब सिसकी नहीं सिखाएंगी सबक

- स्कूली बेटियां सीख रहीं आत्मरक्षा के गुर

भरतपुर

Published: December 08, 2021 03:41:29 pm

भरतपुर . चिडिया नाल जब बाज लड़ावा ता गोविंद सिंह नाम कहावा ... की तर्ज पर अब बेटियों की बहादुरी को गढऩे का काम कर रही हैं शारीरिक शिक्षक मोनिका ढिठेनिया। यूं तो बेटियां आत्मविश्वास से लबरेज हैं, लेकिन उनके साहस को चार-चांद लगाने के लिए जी-जान से जुटी मोनिका अब तक करीब आठ हजार बेटियों को अपने हुनर की बारीकियों और विधा से सशक्त बना चुकी हैं।
मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मोनिका पहले विभिन्न स्कूलों में कार्यरत महिला शारीरिक शिक्षकों को इसकी बारीकियां बताती हैं। इसके बाद यह शारीरिक शिक्षक प्रशिक्षण के बाद सरकारी स्कूलों में बेटियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बना रही हैं। ऊंचा गांव के सरकारी स्कूल में तैनात मोनिका कहती हैं कि कोमल तन-मन बेटियों के लिए ईश्वर का वरदान है, लेकिन इनका साहस भी ईश्वरीय देन सरीखा है। मोनिका कहती हैं कि बेटियों के लिए यह बेहद अहम रखता है कि उन्हें कोई घूरे तो वह भी उन्हें आंख से आंख मिलाकर जवाब दें। यही विधा उनके ताउम्र काम आएगी। प्रशिक्षण में पारंगत होने के बाद बेटियां की अब सिसकी नहीं निकलेगी, बल्कि वह घूरने वालों को सबक सिखाने का काम करेंगी। मोनिका वर्तमान में सेवर रोड स्थित बीएस पब्लिक स्कूल में जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा की ओर से चल रहे छह दिवसीय रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में महिला शारीरिक शिक्षकों को बतौर मुख्य ट्रेनर विधा की बारीकियां बता रही हैं। 'हर कदम बेटी के संग, हमारे सपने हमारी उड़ान की टेग लाइन के साथ राज्य सरकार की ओर से बेटियों को बहादुर बनाने के लिए यह प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। मुख्य ट्रेनर मोनिया ने बताया कि प्रशिक्षण में खास तौर से बेटियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से मजबूत बनाने की जानकारी दी जा रही है। इसमें गुड टच-बेड टच, भीड़भाड़ वाले स्थान पर खुद को सुरक्षित करने, सुनसान रास्तों से नहीं निकलने, सेफ्टी पिन, नेल कटर एवं पेन आदि पैनी चीजें साथ रखने आदि के बारे में बताया जा रहा है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में बेटियां सुरक्षा खुद कर सकें।
बहादुर बेटियां: अब सिसकी नहीं सिखाएंगी सबक
बहादुर बेटियां: अब सिसकी नहीं सिखाएंगी सबक
पांच साल से दे रही प्रशिक्षण

राज्य सरकार की ओर से बेटियों को महफूज करने के लिए शुरू किए गए इस कार्यक्रम से मोनिका वर्ष 2016 में जुटी हैं। इसके लिए वह ब्लॉक की शारीरिक शिक्षकों को ट्रेनिंग देती हैं। इससे पहले वह खुद भी आरपीए से ट्रेनिंग ले चुकी हैं। इससे पहले वह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हैं। मोनिका बताती हैं कि ट्रेनिंग में मुख्य रूप से पंचेज बनाने (नाजुक अंगों पर वार करने की विधा), किक्स (मुश्किल परिस्थितियों में खुद को महफूज करने), पॉल्स (हरकत करने वाले को परास्त करने) एवं थ्रोज (सामने वाले पर अटेक करने की बारीकी) सिखा रही हैं, जिससे बेटियां मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी खुद को सुरक्षित रख सकें।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

इन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीजब हनीमून पर ताहिरा का ब्रेस्ट मिल्क पी गए थे आयुष्मान खुराना, बताया था पौष्टिकIndian Railways : अब ट्रेन में यात्रा करना मुश्किल, रेलवे ने जारी की नयी गाइडलाइन, ज़रूर पढ़ें ये नियमधन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोग, देखें क्या आप भी हैं इनमें शामिलइन 4 राशि की लड़कियों के सबसे ज्यादा दीवाने माने जाते हैं लड़के, पति के दिल पर करती हैं राजशेखावाटी सहित राजस्थान के 12 जिलों में होगी बरसातदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगयदि ये रत्न कर जाए सूट तो 30 दिनों के अंदर दिखा देता है अपना कमाल, इन राशियों के लिए सबसे शुभ

बड़ी खबरें

देश में वैक्‍सीनेशन की रफ्तार हुई और तेज, आंकड़ा पहुंचा 160 करोड़ के पारपाकिस्तान के लाहौर में जोरदार बम धमाका, तीन की नौत, कई घायलजम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी जहांगीर नाइकू आया गिरफ्त मेंCovid-19 Update: दिल्ली में बीते 24 घंटे के भीतर आए कोरोना के 12306 नए मामले, संक्रमण दर पहुंचा 21.48%घर खरीदारों को बड़ा झटका, साल 2022 में 30% बढ़ेंगे मकान-फ्लैट के दाम, जानिए क्या है वजहचुनावी तैयारी में भाजपा: पीएम मोदी 25 को पेज समिति सदस्यों में भरेंगे जोशखाताधारकों के अधूरे पतों ने डाक विभाग को उलझायाकोरोना महामारी का कहर गुजरात में अब एक्टिव मरीज एक लाख के पार, कुल केस 1000000 से अधिक
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.