वायरस ने वीरान किया संग्रहालय...

भरतपुर. कोरोना वायरस से संक्रमण के भय ने पूरे देश में कफ्र्यू की स्थिति पैदा कर अर्थव्यवस्था को डगमगा दिया है।

By: pramod verma

Published: 27 Mar 2020, 08:35 PM IST

भरतपुर. कोरोना वायरस से संक्रमण के भय ने पूरे देश में कफ्र्यू की स्थिति पैदा कर अर्थव्यवस्था को डगमगा दिया है। कभी चहल-पहल के साथ राजस्व देने वाले ऐतिहासिक स्थल और धरोहरें अब पर्यटकों के अभाव में वीरान हो गई हैंं। यह स्थिति शहर में राजकीय संग्रहालय की है, जो संक्रमण से बचाव की दृष्टि से सरकार को बंद करना पड़ा। इसलिए संग्रहालय पर छाय सन्नाटे के कारण प्रतिदिन हजारों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

राजकीय संग्रहालय में 17वीं, 18वीं और 19वीं शताब्दी की पुरावस्तुओं को देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए संजोकर रखा गया है। यहां देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ विद्यार्थी भी शोध करने के तौर पर आते हैं। लेकिन, कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और रोकथाम के उद्देश्य से सरकार ने संग्रहालय को 18 मार्च से बंद करने के आदेश जारी किए।


यहां पर्यटकों पर नजर डालें तो प्रतिदिन करीब 450 पर्यटक आते थे इनमें करीब 100 विद्यार्थी और लगभग 350 देशी-विदेशी पर्यटक होते थे। जहां, 10 रुपए प्रति विद्यार्थी और 20 रुपए लिए जाते हैं। इस हिसाब से एक हजार व सात हजार रुपए यानि देशी पर्यटकों के नहीं आने से प्रतिदिन आठ हजार रुपए और विदेशी आए तो करीब एक हजार का नुकसान हो रहा है।


अब तक संग्रहालय को बंद हुए नौ दिन हो चुके हैं। कह सकते हैं कि करीब 90 हजार रुपए के राजस्व का नुकसान हो चुका है। ऐसे में पुरावस्तुओं को संजोय संग्रहालय में वीरानी छाई हुई है। हालांकि, सरकार ने पर्यटकों से संक्रमण न हो इस दिशा में बंद करने का निर्णय लिया है जो उचित है। फिर भी अर्थव्यवस्था तो डगमगा रही है। भरतपुर में संग्रहालय अध्यक्ष महेंद्र अवस्थी का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से संग्रहालय पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। राजस्व का नुकसान हो रहा है। जैसे आदेश हैं उसकी पालना की जाएगी।

pramod verma
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned