पार्षदजी को विकास से ज्यादा मानदेय की चिंता...वाह री शहरी सरकार

-फिलहाल प्रत्येक पार्षद को प्रतिमाह मिलते हैं 3750 रुपए, बैठक के एजेंडा में शामिल किए हैं 13 बिंदु शामिल, कुछ पार्षद उठा सकते हैं नगर निगम में पिछले कुछ माह तक चला विवाद का मुद्दा

By: Meghshyam Parashar

Published: 19 Jan 2021, 02:31 PM IST

भरतपुर. आखिर करीब एक साल गुजरने के बाद नगर निगम की साधारण सभा की बैठक 22 फरवरी को दोपहर तीन बजे निगम के सभागार में मेयर अभिजीत कुमार की अध्यक्षता में की जाएगी। बैठक के एजेंडा में 13 बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसमें सबसे पहला बिंदु पार्षदों का मानदेय छह हजार रुपए करने पर विचार रखा गया है। हालांकि जानकारों का कहना है कि राज्य सरकार के स्तर पर ही पार्षदों के मानदेय बढ़ाने का निर्णय होता है। ऐसे में यह प्रस्ताव बोर्ड से स्वीकृत कराने के बाद राज्य सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इससे पहले भी पिछले बोर्ड के कार्यकाल में दो बार यह प्रस्ताव लेकर राज्य सरकार के पास भेजा गया था। हालांकि प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। बल्कि खुद राज्य सरकार के स्तर पर ही कुछ मानदेय में बढ़ोतरी की सिफारिश की गई थी। बैठक को लेकर कुछ पार्षदों का कहना है कि सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों के साथ नगर निगम में पिछले कुछ माह पूर्व हुए विवादों को लेकर भी पक्ष रखा जाएगा। ताकि जिन कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी, उनकी जांच की मांग का पक्ष भी रखा जा सके। हालांकि पार्षदों का एक गुट भी पुरजोर ढंग से शांति से बैठक कराने के लिए सवालों के जबाव देने की तैयारी कर चुका है। उल्लेखनीय है कि नगर निगम की पहली बैठक 27 दिसंबर 2019 को हुई थी। जो कि सिर्फ परिचय और स्वागत में ही निकल गई थी। इसके बाद 10 फरवरी 2020 को हुई बैठक में बजट के अलावा कुछ मुद्दों पर मंथन हुआ था। कोरोनाकाल के बीच कोई बैठक नहीं हो सकी। ऐसे में पार्षदों की ओर से लगातार बैठक बुलाने की मांग की जा रही थी। पूर्व में नगर निगम में महीनों तक चले विवाद के बीच बैठक अटकी हुई थी। अब हाल में ही हुए बदलाव के बाद बैठक का निर्धारित की गई है।

एजेंडा में शामिल किए हैं ये बिंदु

-नगर निगम की स्वयं की अर्जित की गई आय में से पार्षदों के लिए छह हजार रुपए मानदेय दिए जाने पर विचार

-अभी जमादारों के पद पर पदोन्नति के लिए 50 प्रतिशत वरिष्ठता तथा 50 प्रतिशत योग्यता का आधार लिया जाता है, जमादार के पद को बिना सैलरी स्ट्रक्चर में परिवर्तन किए अपग्रेड करके वार्ड इंस्पेक्टर पद पर सृजित करना तथा सफाई निरीक्षक के पद को जोन निरीक्षक के पद पर परिवर्तन करना ताकि वर्तमान में तकनीकी के इस्तेमाल की वजह से बढ़ी हुई जिम्मेदारियों को निभाने के लिए शैक्षिक योग्यता एक आवश्यक शर्त बन गई है। पदोन्नति के लिए मात्र वरिष्ठता के स्थान पर मैरिट कम वरिष्ठता आधार पर किए जाने पर विचार।

-व्यापक ड्रेनेज सिस्टम की फंडिंग सरकारी ग्रांट/एनसीआर पीबी अथवा केंद्रीय/राज्य सरकार की किसी वित्तीय एजेंसी से ऋण लेकर कराए जाने पर विचार।

-अर्बन डवलपर टैक्स तथा अन्य सैस एवं विभिन्न शास्तियों से निगम के आय के स्त्रोत विकसित करने के लिए पीसीपी मॉडल का उपयोग किए जाने पर विचार।

-सरकारी आवास तथा मॉन्टेसरी शिक्षा के लिए भवन निर्मित कराए जाने पर विचार।

-निर्माण ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक को तुरंत प्रभाव से हटाना और राजस्थान लोक उपापन पारदर्शिता अधिनियम 2012 की धारा 19 के तहत नए रजिस्ट्रेशन किए जाने पर विचार।

-विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र के लिए रंगीन प्र्रिन्टिंग मशीन की व्यवस्था करना तथा रंगीन कलर प्रिन्टिंग की फीस 500 रुपए किए जाने पर विचार।

-कच्चे डंडे पर पट्टे जारी करने के लिए राज्य सरकार को अनुशंषा भेजने पर विचार।

-नगर निगम में नगर विकास न्यास की ओर से हस्तांतरित कॉलोनियों जिनका ले आउट प्लान पास हो चुका है लेकिन अभी भी कुछ प्लॉट्स के नियमन पट्टे जारी होने हैं उस सभी शेष भूखंड के 50 रुपए प्रति वर्गमीटर की छूट के साथ नियमन, पट्टा जारी किए जाने पर विचार।

-जिन कॉलोनियों के अधिकतर हिस्सों में पानी की लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन कुछ हिस्सों में शेष है। आवश्यक परिस्थितियों में ऐसी कॉलोनियों के एकीकृत विकास के लिए नगर निगम की ओर से पानी लाइन बिछाए जाने पर विचार।

-नगर निगम की स्ट्रीट से बिजली की चोरी रोकने के लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत वीसीआर जारी करने के लिए रिलेवेंट प्रावधानों को अमल में लाने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कराए जाने पर विचार।

-स्वायत शासन विभाग के पत्र दिनांक 26/10/2020 की पालना में राजस्थान नगरीय क्षेत्र भवन विनियम 2020 को लागू कराए जाने पर विचार।

-बोर्ड बैठक 27 दिसंबर 2019 की बैठक में डंपिंग साइट नौंह कचरा घर पर पड़े लीगैसी वैस्ट के निस्तारण के लिए पूर्व में जारी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 3.50 करोड़ के स्थान पर 4.81 करोड़ की संशोधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर विचार।


-बैठक में शहर के विकास व आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर एजेंडा में बिंदु शामिल किए हैं। पार्षदों की सहमति के साथ उन पर विचार किया जाएगा।

अभिजीत कुमार
मेयर नगर निगम

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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