OMG बीएसपी ने आर्थिक नुकसान से बचने, किनकी जान जोखिम में डाला

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन कुछ आर्थिक नुकसान को उठाने तैयार हो जाता, तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।

By: Abdul Salam

Updated: 12 Oct 2018, 10:50 PM IST

भिलाई. गैस हादसे में 13 की मौत के बाद शासन का औद्योगिक स्वास्थ्य व सुरक्षा विभाग ने जांच के पहले चरण में बयान लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सुबह बयान देने भिलाई इस्पात संयंत्र के अलग-अलग विभाग से अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे। बयान के बाद संबंधित नोटिस देकर केस को श्रम न्यायालय में पुटअप किया जाएगा। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। अब तक लिए गए बयान से यह साफ हो रहा है कि संयंत्र प्रबंधन कुछ आर्थिक नुकसान को उठाने तैयार हो जाता, तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।

जांच रिपोर्ट में यह आ रहा है सामने :-
रिस्क लेकर करवा रहे थे काम
जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे सुरक्षा अधिकारी को बयान देने के दौरान ईएमडी के कर्मचारी बता रहे हैं कि इस दुर्घटना की आशंका नहीं थी। पाइप को दोनों छोर से बिना आईसोलेशन (पाइप के दोनों छोर में पानी डाले बिना) किए ही काम करते थे। इस तरह से रिस्क लेकर हमेशा काम किया जा रहा था। आशंका नहीं थी कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।

उत्पादन को बनाए रखने
बीएसपी के ईएमडी विभाग के कर्मियों ने बयान में बताया कि प्रबंधन पर उत्पादन बढ़ाने का दबाव रहता है। इस वजह से दूसरे काम को प्रभावित किए बिना ही कार्य कर रहे थे। तब यह दुर्घटना हुई। पाइप में अचानक आग कैसे लगी, इसकी उनको जानकारी नहीं है।

काम शुरू करने से पहले ही जमा करवा लिए थे मोबाइल
सेफ्टी के अधिकारी ने बयान में बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गैस पाइप लाइन के मरम्मत का काम शुरू करने से पहले ही सभी कार्मिकों से मोबाइल ले लिया गया था। नीचे मौजूद कर्मचारियों का मोबाइल भी एकत्र कर एक स्थान पर रख दिया गया था। जिससे किसी तरह का स्पार्क और उससे गैस आग में तब्दील न हो जाए। 200 मीटर दूर तक किसी को माचिस सुलगाने तक इजाजत नहीं थी।

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