scriptEnvironment Department caught flaws in the industry, gave clean chit | क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग का कमाल, उद्योग में खामियां पकड़ी, बिजली कनेक्शन काटने आदेश दिया, 4 दिन बाद दे दिया क्लीन चिट | Patrika News

क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग का कमाल, उद्योग में खामियां पकड़ी, बिजली कनेक्शन काटने आदेश दिया, 4 दिन बाद दे दिया क्लीन चिट

locationभिलाईPublished: Feb 12, 2024 09:48:06 pm

Submitted by:

Abdul Salam Salam

पर्यावरण विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय, भिलाई जिस तरह से कार्य कर रहा है। इससे औद्योगिक क्षेत्र में जल और वायु प्रदूषण में सुधार होने की उम्मीद कम ही है। एक केमिकल उद्योग में विभाग ने शिकायत मिलने पर जांच किया। खामियां पाई, कार्रवाई के निर्देश जारी किए। 4 दिन बाद विभाग ने खुद ही क्लीन चिट जारी कर दी।

क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग का कमाल, उद्योग में खामियां पकड़ी, बिजली कनेक्शन काटने आदेश दिया, 4 दिन बाद दे दिया क्लीन चिट

नगर निगम की शिकायत पर भी नहीं पड़ा असर

हल्का औद्योगिक क्षेत्र, छावनी में संचालित एक उद्योग दूषित जल को खुले में बहाए जा रहा है। इसकी शिकायत नगर निगम, भिलाई के जोन-4 शिवाजी नगर कार्यालय के जोन आयुक्त ने 13 मई 2022 को किया। शिकायत में बताया कि कोक फैक्ट्री उपयोग के बाद निकाले गए रासायनिक पदार्थों से प्रदूषित जल को उद्योग के बाहर खुली नाली में बहाए जाने के कारण आसपास के रिहायशी क्षेत्रों का भमिगत जल प्रदूषित हो रहा है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 250 के उपधारा (1) व (2) सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सुरक्षा कारखानों तथा व्यापारों का नियमन के विपरीत है। निगम ने उद्योग के संचालक से कहा कि इसके पहले भी शिकायत किए थे, इसके बाद भी कोई सुधार नहीं है। स्मरण पत्र की प्रति क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग के दफ्तर को भी भेजी गई। आज भी औद्योगिक क्षेत्र के नाला को देखकर आसानी से साफ हो जाता है, कि उद्यमी उपयोग के बाद केमिकल के गंदा पानी को नाला में बहा रहे हैं। यहां हैरानी की बात यह है कि स्थानीय लोग शिकायत के 5 साल बाद भी दूषित जल से पीडि़त है। यह विभाग के काम करने का एक तरीका बन गया है। इसी तरह से खुले नाले में केमिकलयुक्त गंदे पानी को बहाए जाने की शिकायत नगर निगम, भिलाई ने खुद उद्योग और पर्यावरण विभाग को किया, लेकिन इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है।

उत्पादन पर नहीं पड़ा असर
भारी औद्योगिक क्षेत्र, हथखोज, भिलाई के एक केमिकल उद्योग के खिलाफ शिकायत मिलने पर पर्यावरण विभाग ने जांच करवाया। जांच में शिकायत सही मिली। तब भी उत्पादन जारी है। कार्रवाई के मामले में शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हो पाते। विभाग दस्तावेजों में अपनी कार्रवाई को पुख्ता बताने में कामयाब हो जाता है। वहीं न तो वायु प्रदूषण पर इसका असर पड़ रहा है और न जल प्रदूषण में। बोरिंग से आने वाले पानी का रंग और गंध दोनों बता रहे हैं, कि कैमिकल इसमें मिला हुआ है।

यह थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने बताया था कि उक्त उद्योग फैब्रिकेशन से संबंधित कार्य करता है। आवंटित भूमि से अधिक पर कब्जा कर लिया है। अत्यधिक प्रदूषण फैला रहा है। आसपास के कार्यरत कर्मियों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। इससे गंभीर बीमारियों का खतरा है। उक्त उद्योग के खिलाफ कई बार लोगों ने शिकायत की है। इसके बाद भी प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हो रहा है। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने इसकी तात्कालीन मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री से भी शिकायत की।

जांच में सही मिली शिकायत

शिकायत पर पर्यावरण विभाग के संभाग कार्यालय से टीम उद्योग का निरीक्षण करने के लिए 2 अप्रैल 19 को पहुंची। जांच के दौरान उद्योग बिना वैद्य जल व वायु सम्मति के संचालित होना पाया गया। इसके आधार पर कार्रवाई करने के लिए विभाग की टीम ने तैयारी शुरू की।

बिजली काटने जारी किया आदेश
उद्योग को जल व वायु प्रदूषण कके लिए अधिनियम के तहत विद्युत विच्छेद के लिए आदेश जारी किया गया। इसके बाद विभाग को उद्योग के संचालक से आवेदन दिया गया। विभाग ने भी पत्र जारी कर दिया।

होता रहा उत्पादन

इस तरह से पूरी प्रक्रिया इस तरह से पूरी कर दी गई, कि उत्पादन पर कोई असर न पड़े। उत्पादन प्रभावित नहीं होने से प्रदूषण भी बाधित नहीं हुआ। वायु और जल प्रदूषण निरंतर जारी है। इसका बुरा असर उद्योग के करीब जल स्रोत पर देखने को मिलता है।

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