CG के इन दस जिलों में बनेगा फायर स्टेशन, 897 पद स्वीकृत, SDRF का होगा गठन

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के प्रथम अनुपूरक बजट में गृह विभाग को विभिन्न श्रेणियों के 897 पदों के सेटअप की भी मंजूरी दे दी है।

By: Dakshi Sahu

Published: 24 Jul 2018, 02:48 PM IST

भुवन साहू@भिलाई. दुर्ग संभाग के अलावा राज्य के अन्य जिलों में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की शुरुआत की जा रही है। जिसके तहत किसी भी बड़ी अग्नि दुर्घटना के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी होंगे। राज्य सरकार ने रायपुर सहित प्रदेश के दस जिला मुख्यालयों में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की शुरूआत करने का निर्णय लिया है।

इन सेवाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के प्रथम अनुपूरक बजट में गृह विभाग को विभिन्न श्रेणियों के 897 पदों के सेटअप की भी मंजूरी दे दी है। इन पर लगभग 9 करोड़ 09 लाख रूपए का व्यय संभावित है।

बिलासपुर में बनेगा प्रशिक्षण केंद्र
संभागीय मुख्यालय बिलासपुर में अग्निशमन तथा आपातकालीन सेवाओं और राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) के लिए प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का प्रावधान भी शामिल हैं। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस बार के प्रथम अनुपूरक बजट में राज्य मुख्यालय रायपुर में अग्निशमन और आपतकालीन सेवाओं की स्थापना के लिए 28 पदों की स्वीकृति के साथ 49 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।

यह पद मंजूर किए गए
इनमें महानिदेशक (पदेन) और महानिरीक्षक (पदेन) सहित पुलिस अधीक्षक श्रेणी के निदेशक (प्रशिक्षण) का पद भी शामिल हैं। इन पदों के अलावा वरिष्ठ तकनीकी अग्निशमन अधिकारी, लेखा अधिकारी, विधि अधिकारी, वरिष्ठ और कनिष्ठ स्टाफ आफिसर, सहायक ग्रेड-1, सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-3, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वाहन चालक और भृत्य के पद भी मंजूर किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य मुख्यालय में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए प्रदेश स्तरीय नियंत्रण कक्ष की भी स्थापना की जाएगी, जिस पर एक करोड़ तीन लाख रूपए का व्यय संभावित है। इस नियंत्रण कक्ष के लिए निरीक्षक, प्लाटून कमांडर, डाटा एंट्री ऑपरेटर और वायरलेस ऑपरेटर के 14 पद मंजूर किए गए हैं।

दस जिलों में बनेगा फायर स्टेशन
प्रदेश के 10 जिला मुख्यालयों में फायर स्टेशनों सहित अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी अनुपूरक बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। इनकी स्थापना में पांच करोड़ 10 लाख रूपए का व्यय संभावित है। इनमें श्रेणी 'अÓ के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में तथा श्रेणी 'बीÓ के अंतर्गत अम्बिकापुर, जगदलपुर, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव और कबीरधाम शामिल है।

इन सभी 10 जिला मुख्यालयों में फायर स्टेशनरों और अग्निशमन तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए कुल 534 पद भी सेटअप में शामिल किए गए हैं। इनमें निरीक्षक और उप निरीक्षक श्रेणी के फायर आफिसर और हवलदार रैंक के लीडिंग फायरमेन सहित वाहन चालक-सह ऑपरेटर, फायरमेन, वॉचरूम ऑपरेटर आदि के 504 और जिला सेनानी (नगर सेना), अग्निशमन अधिकारी तथा डॉटा एंट्री ऑपरेटर आदि को मिलाकर 30 पद सम्मिलित हैं।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 के प्रथम अनुपूरक में संभागीय मुख्यालय बिलासपुर में अग्निशमन तथा आपातकालीन सेवाओं और राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) के लिए प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है।

इसके लिए 69 पद मंजूर किए गए है, जिन पर दो करोड़ 23 लाख रूपए का व्यय संभावित है। इनमें पुलिस उप महानिरीक्षक श्रेणी के एक अतिरिक्त प्रधानसेनानी (नगर सेना) के नवीन पद सहित प्रतिनियुक्ति से भरे जाने के लिए पुलिस अधीक्षक का एक पद भी शामिल किया गया है।

इनके अलावा जिला सेनानी, वरिष्ठ तकनीकी अग्निशमन अधिकारी, कनिष्ठ तकनीकी अग्निशमन अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, स्टेशन आफिसर, हवलदार (प्रशिक्षण), मेकेनिक आदि के पद भी सेटअप में शामिल किए गए हैं।

252 पदों को मंजूरी दी
अधिकारियों के अनुसार राज्य शासन द्वारा आपातकालीन सेवाओं के तहत राज्य आपदा प्रबंधन बल की स्थापना के लिए चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम अनुपूरक बजट में 252 पदों को मंजूरी दी गई है, जिन पर 23 लाख रूपए का व्यय संभावित है। इनमें प्लाटून कमांडर, हवलदार, नायक, लांस नायक, वाहन चालक, रसोइया, होमगार्ड (सैनिक) के पद सम्मिलित हैं।

Dakshi Sahu Desk/Reporting
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