दशमूलारिष्ठ का काढ़ा और गजामूंग खिलाकर भगवान हुए स्वस्थ, अब खोलेंगे नेत्र

देवस्नान पूर्णिमा के दिन खूब भीगने के बाद 15 दिन से बीमार भगवान जगन्नाथ मंगलवार को अपनी आंखें खोलेंगे। पिछले कई दिनों से अपने नर्म बिछौने को छोड़कर महाप्रभु अणसर भवन में चटाई पर उलटे लेटकर इलाज करा रहे हैं।

By: Komal Purohit

Published: 01 Jul 2019, 06:21 PM IST

भिलाई. देवस्नान पूर्णिमा के दिन खूब भीगने के बाद 15 दिन से बीमार भगवान जगन्नाथ मंगलवार को अपनी आंखें खोलेंगे। पिछले कई दिनों से अपने नर्म बिछौने को छोड़कर महाप्रभु अणसर भवन में चटाई पर उलटे लेटकर इलाज करा रहे हैं। प्रभु जल्दी ठीक हो जाएं इसलिए मंदिर के पंडित उन्हें दशमूलारिष्ठ का काढ़ा और गजामंग का भोग लगाया जा रहा है। ताकि यह पौष्टिक चीजें खाकर वे जल्दी स्वस्थ हो जाएं। उनके आराम में खलल ना पड़े इसलिए श्री मंदिर के पट बंद करने के साथ ही मंदिर में लगी घंटियों को भी बांध दिया गया। लेकिन भगवान अब भक्तों को नेत्र उत्सव के दिन यानी 2 जुलाई को दर्शन देंगे और इस दिन भगवान भक्तों को भी दर्शन देंगे।

खुलेंगे मंदिर के पट
सेक्टर 6 जगन्नाथ मंदिर के महासचिव गजेन्द्र पंडा ने बताया कि इन दिनों भगवान जगन्नाथ अपने बिस्तर को छोड़कर अणसर गृह में चटाई पर लेटे हैं। इस दौरान उनकी आंखें भी बंद है। उन्हें घी, तेल वाले मसालेदार भोजन की बजाए पौष्टिक भोजन के रूप में गजामंूग का भोग लगाया जा रहा है। पर वे मंगलवार को पूरी तरह ठीक हो जाएंगे और 4 जुलाई को नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। इस मौके पर वे अपनी मौसी गुंडिचा के घर जाएगें और वहां पर उन्हें चार पहर स्वादिष्ठ व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।

रथयात्रा की तैयारी शुरू
सेक्टर 4 और सेक्टर 6 के मंदिर में रथयात्रा की तैयारी शुरू हो चुकी है। दोनों ही मंदिर से 4 जुलाई को रथयात्रा निकालेगी और महाप्रभु अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ गुंडिचा मंडप में विराजेंगे। इस दौरान भगवान जगन्नाथ रोजाना अलग-अलग स्वरूप में दर्शन देंगे। उनके श्रृंगार के लिए भी विशेष सामग्री ओडि़शा से मंगाई गई है।

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