जहां छोड़े थे आवारा कुत्ते वे सभी तो भाग गए, अब मंत्रालय को क्या सबूत दें

जहां छोड़े थे आवारा कुत्ते वे सभी तो भाग गए, अब मंत्रालय को क्या सबूत दें

Satyanarayan Shukla | Publish: Sep, 06 2018 11:05:25 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

नया रायपुर में आवारा कुत्ते छोडऩे वाले दो पार्षदों को बर्खास्तगी के नोटिस के संबंध में संभागायुक्त न्यायालय में सुनवाई हुई। संभागायुक्त दिलीप वासनीकर ने निगम सचिव जीवन वर्मा को बिना सबूत के परिवाद प्रस्तुत करने पर नाराजगी जताई।

भिलाई. नया रायपुर में आवारा कुत्ते छोडऩे वाले दो पार्षदों को बर्खास्तगी के नोटिस के संबंध में संभागायुक्त न्यायालय में सुनवाई हुई। संभागायुक्त दिलीप वासनीकर ने निगम सचिव जीवन वर्मा को बिना सबूत के परिवाद प्रस्तुत करने पर नाराजगी जताई। सचिव ने सबूत पेश करने समय मांगा था। संभागायुक्त ने 26 अक्टूबर को साक्ष्य के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

मामला 6 माह पुराना है। परिवाद अभी क्यों प्रस्तुत किया गया

संभागायुक्त ने सचिव से पूछा कि पार्षदों के खिलाफ खुद निगम आयुक्त ने ही परिवाद पेश किया है। अब सबूत प्रस्तुत करने के लिए समय मांग कर रहे हो। साक्ष्य नहीं है तो फिर किस आधार पर परिवाद पेश किया गया। क्या सबूत है कि इन दोनों पार्षदों ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय में ही कुत्ते छोड़े हैं। उन्होंने सचिव से यह भी पूछा कि मामला 6 माह पुराना है। परिवाद अभी क्यों प्रस्तुत किया गया। उसी समय क्यों प्रस्तुत नहीं किया गया?

ये कहा भी संभागायुक्त ने
संभागायुक्त ने यह भी कहा कि इन्होंने तो सरकार की मदद की है। सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताया है। केवल समाचार पत्रों की कटिंग को आरोप का आधार नहीं बनाया जा सकता। परिवाद में जो आरोप लगाया गया है उसका फोटोग्राफ या वीडियो प्रस्तुत करें।

26 अक्टूबर को होगा बयान
लगभग आधा घंटा तक चली सुनवाई में संभागायुक्त ने एमआईसी मेंबर डॉ दिवाकर भारती और पार्षद रिंकू राजेश प्रसाद से भी सवाल किया कि शहर में आवारा कुत्तों को लेकर क्या चल रहा है। जिस पर एमआईसी सदस्य दिवाकर ने बताया कि जिन मांगों को लेकर हमने आयुक्त को ज्ञापन दिया। शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने के लिए विरोध जताया। उन्हीं सुझावों पर निगम सुअरों को पकडऩे का ठेका दिया है। सुअरों को पकड़कर शहर बाहर ले जाकर छोड़ रहे हैं। कुत्तों को पकड़कर नसंबदी किया जा रहा है। आयुक्त ने दोनों पार्षदों को निगम की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद अपना बयान दर्ज कराने कहा।

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