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मास्क-सैनिटाइजर से दूरी, त्योहारी सीजन में न पड़ जाए भारी

सावधानी व गाइडलाइन के साथ मनाएं दीपावली

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मास्क-सैनिटाइजर से दूरी, त्योहारी सीजन में न पड़ जाए भारी

मास्क-सैनिटाइजर से दूरी, त्योहारी सीजन में न पड़ जाए भारी

भीलवाड़ा।
जिला एक माह से कोरोना मुक्त है। 15 सितम्बर के बाद एक भी केस नहीं मिला। हालांकि देश में लगातार केस आ रहे हैं, लिहाजा अलर्ट रहने की जरूरत है। खासकर दिवाली के त्योहारी सीजन में। दूसरी तरफ लोग बेपरवाह होते जा रहे हैं। मास्क और दो गज की दूरी से दूरी बनाने लगे हैं। सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी भूल रहे हैं। यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि कोरोना का संक्रमण गया नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी त्योहारों को देखते कोविड अनुरूप व्यवहार का अलर्ट जारी किया।
२ नवम्बर से पांच दिवसीय दीपोत्सव शुरू होगा। लोग खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहे हैं। सब कुछ सामान्य स्थिति हो चुकी है। बाजार अब रात १० बजे तक गुलजार नजर आते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि लोग सावधानी बरतें और कोविड से बचाव के तरीके अपनाते खुद को सुरक्षित रखें।
दूसरी लहर भी ऐसे ही आई थी
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला ने बताया कि कोविड की पहली लहर खत्म होने की कगार पर थी। तब लोगों ने इसे हल्के में लिया। कोविड अनुरूप व्यवहार और मास्क नहीं पहनने के कारण दूसरी लहर ने कहर बरपा दिया। अभी सावधानी जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोविड अनुरूप व्यवहार अभी जरूरत है। हालांकि वैक्सीनेशन भी हो रहा है। पहली डोज १६ लाख को लग चुकी है। दूसरी डोज भी छह लाख से अधिक लोगों के लगाई जा चुकी है।
मास्क को लेकर लोग बेफिक्र
आमजन अब मास्क को लेकर बेफिक्र नजर आने लगा है। भीड़ में कुछ लोग ही मास्क पहने दिखते हैं। मास्क पहनने में समझदारी है। हालांकि अस्पताल आदि स्थानों पर अब भी लोग मास्क पहने नजर आते हैं। लेकिन बाजारों में खरीदारी करने वालों में मास्क कहीं नजर नहीं आ रहा है। कई धार्मिक आयोजनों में भी मास्क गायब हो चुका है।
अक्टूबर में नहीं आया नया केस
जिले में कोविड को लेकर १५ सितम्बर के बाद ३० अक्टूबर तक कोई नया केस नहीं मिला। सितम्बर में कोविड के मामले मिले थे। इस दौरान ३ नए मामले सामने आए थे। हालांकि अभी भी संदिग्ध मरीज मिलने पर जांच करवाई जा रही है। नए भर्ती तथा जिनका ऑपरेशन होना है, उनकी भी पहले कोविड की टेस्टिंग होती है।
200 नमूने रोज ले रहे
जिले में अब भी 200 से अधिक नमूने रोजाना लिए जा रहे हैं। इनमें ओपीडी में आने वाले संदिग्ध रोगी भी है। अब जिला अस्पताल में भी कोविड नमूने लेने शुरू कर दिए। मौसम में बदलाव के चलते डेंगू के मरीज तेजी से सामने आ रहे है। इसमें भी कोरोना के जैसे लक्षण नजर आ रहे है। कोविड जैसे लक्षणों के मरीजों की अधिकता हो गई है।