संगठन की सुंदरता के लिए जरूरी है मर्यादा पालन

अखिल भारतीय तेरापंथ किशोर मंडल के 16वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ

By: Suresh Jain

Published: 01 Aug 2021, 09:27 AM IST

भीलवाड़ा।
तेरापंथ धर्मसंघ मर्यादा और अनुशासन की नींव पर टिका मजबूत संगठन है। तेरापंथ के 11वें अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण के कुशल नेतृत्व में ये संघ उत्तरोत्तर प्रवर्धमान है। एक आचार, एक विचार और एक आचार्य की प्रमुखता वाला ये संप्रदाय जन जन के लिए प्रेरणास्त्रोत बना है।
आचार्य महाश्रमण ने ठाणं सूत्र पर आधारित प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि मजबूत, दृढ़तर, सुंदर सुव्यस्थित संगठन के निर्माण के लिए अपेक्षित है संविधान और मर्यादाओं का समुचित पालन। संगठन का हर सदस्य मर्यादा पालन के प्रति सचेत रहे, जागरूक रहे। संगठन के सदस्यों के प्रति निष्ठा, सम्मान, विनम्र भाव रखते हुए अनुशासन में चलना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति संगठन के सदस्यों और व्यवस्थाओं के प्रति उच्छृंखलता पूर्ण व्यवहार करता है तो वह संगठन के लिए हानिकारक हो सकता है। संगठन की स्वस्थता के लिए छोटे बड़े व्यक्तियों का व्यवहार औचित्यपूर्ण होना चाहिए।
आचार्य ने कहा कि आज साधु संस्था हो, सामाजिक संस्था हो या व्यवसायिक हर संस्था का विकास योग्य व्यक्ति पर निर्भर करता है। समूह या संगठन के सदस्यों में परस्पर प्रेम, सौहाद्र्र, निष्ठा की भावना होती है तो उसकी निर्मलता, सुदृढ़ता बनी रह सकती है।
आचार्य के सान्निध्य में शनिवार को अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में अखिल भारतीय तेरापंथ किशोर मंडल का 16वां राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ हुआ। यह अधिवेशन वर्चुअल रूप से होगा। इसमें देश भर से हजारों किशोर संभागी बनेंगे। ये उम्र अच्छे संस्कार का अर्जन व सृजन करके विकास का अवसर प्राप्त करने का है।
अभातेयुप अध्यक्ष संदीप कोठारी ने राष्ट्रीय किशोर मंडल अधिवेशन की घोषणा की। किशोर मंडल राष्ट्रीय संयोजक अर्पित नाहर, भीलवाड़ा तेयुप अध्यक्ष संदीप चोरडिया, उत्तम रांका, दीपांशु झाबक ने विचार व्यक्त किए। छीतर मल मेहता ने आचार्य से 13 की तपस्या का प्रत्याख्यान किया।

Suresh Jain Reporting
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