
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुवाणा
भीलवाड़ा।
जिले में स्वाइन फ्लू जानलेवा हो रहा है। डेंगू और वायरल जैसी बीमारियों पैर पसार रही। कहने को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और स्वास्थ्य केन्द्र खोलकर सरकार ने वाहवाही लूट ली। हकीकत यह है कि यहां सुविधाएं देना सरकार भूल गई। स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर चिकित्सा विभाग चादर तानकर सो रहा है। राजस्थान पत्रिका ने गुरुवार को जिले के दो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और चार स्वास्थ्य केन्द्रों का दौरा किया तो लापरवाही की विस्फोटक स्थिति सामने आई। यहां ना पर्याप्त चिकित्सक मिले ना ही उपचार करने के साधन। मरीजों की लम्बी कतार थी तो कई जगह चिकिसत्क नदारद। लाखों रुपए खर्च कर अस्पताल बनाया, लेकिन यहां रैफर का खेल बंद नहीं हुआ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुवाणा : रात को डॉक्टर रहते नहीं, मरीजों को भर्ती करते नहीं
जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर सुवाणा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गांव का बड़ा अस्पताल है। हालात किसी क्लिनिक से कम नहीं। सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर ऑपरेशन थिएयटर (ओटी) बनवाया। लेकिन इसे काम में नहीं लिया जा रहा। उधर, ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सक अस्पताल में रात रुकते ही नहीं। चिकित्सक के पांच स्वीकृत है। इनमें से दो चिकित्सक ही लगा रखे है। गायनिक, मेडिसन जैसे प्रमुख चिकित्सक है ही नहीं। यही हाल नर्सिंग कर्मचारियों का है। कागजों में 50 पलंग स्वीकृत है। चिकित्सालय में जगह नहीं होने से 10 पलंग लगाकर काम चलाया जा रहा। चिकित्सालय में एम्बुलेंस नहीं है। इमरजेंसी में मरीज को परिजन अपने स्तर पर एमजीएच पहुंचाते है। ग्रामीणों के मुताबिक रात में चिकित्सक यहां नहीं ठहरते। रात में अस्पताल कम्पाउंडरों के भरोसे रहता है। उधर, अस्पताल के बाहर ही गंदा पानी एकत्र हो रहा। उसमें मच्छरों की भरमार है। एेसे में चिकित्सालय ही बीमारी फैला रहा है।
Published on:
14 Sept 2017 10:05 pm
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