टैक्स कम बताया तो सीए की प्रॉपर्टी और खाता भी सीज होगा

धारा 83 का दायरा बढ़ा, गलत दस्तावेज पेश करने पर सभी आएंगे दायरे में

By: Suresh Jain

Updated: 06 Mar 2021, 09:27 AM IST

भीलवाड़ा।
व्यापारी का स्क्रूटनी के दौरान रिटर्न गलत मिलने के साथ गलत क्रेडिट लिया, टैक्स कम बता दिया जाता है, माल परिवहन के दौरान टैक्स चोरी में गाड़ी पकड़ी जाती है, तो करदाता पर कार्रवाई होने के साथ ही इसमें शामिल कंपनी के निदेशक, सीए, कर सलाहकार या अन्य किसी भी व्यक्ति के प्रॉपर्टी, बैंक खाते अटैच किए जा सकते हैं। ई-वे बिल की एक दिन में वैधता 100 किलोमीटर से बढ़ाकर 200 किलोमीटर तक कर दी गई है। इससे लोगों को राहत भी मिलेगी। बजट में जीएसटी की धारा 83 में पहले अधिकारी किसी कारोबारी के यहां छापा मारने या जांच आदि होने के बाद उसके असेसमेंट (टैक्स डिमांड निकालने की प्रक्रिया) के दौरान संबंधित कमिश्नर की मंजूरी से प्रॉपर्टी अटैचमेंट, बैंक खाता सील करता था, मगर नए बजट में धारा 83 का दायरा बढऩे से नए प्रावधान जुड़ गए हैं। नए नियम से जीएसटी में प्रक्रिया सरल होने की बजाय उलझती जा रही है। जुलाई 2017 से लेकर 462 अधिसूचनाएं निकालकर नियमों में संशोधन कर चुके हैं।
नए नियमों से कोरोबार करना मुश्किल होगा
सरकार ने जीएसटी में टैक्स चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट में घालमेल रोकने के लिए नए नियम जोड़े हैं। ये नियम व्यापारियों, टैक्स प्रोफेशनल के लिए परेशानी बन रहे हैं। अब धारा 83 के तहत कारोबार की केवल टैक्स डिमांड के समय ही नहीं, बल्कि रिटर्न में गलती, टैक्स चोरी, ई-वे बिल में गलती पर भी कारोबारी की प्रॉपर्टी, खाते अटैच किए जा सकते हैं। सीए, कर सलाहकार के साथ ही कारोबारी करदाता से जुड़े अन्य भी इस दायरे में उलझ सकते हैं।
ई-वे बिल पर पेनल्टी 25 प्रतिशत
ई-वे बिल में अब एक दिन की वैधता 200 किलोमीटर तक होगी। पहले 100 किलोमीटर थी। इसमें विभाग का मानना था कि एक ही बिल पर कई बार ट्रांसपोर्टर माल का परिवहन कर टैक्स चोरी कर लेते हैं। पहले ई-वे बिल के प्रावधान के उल्लंघन पर पेनल्टी की 10 प्रतिशत के बराबर राशि जमा करने पर अपील हो सकती थी, लेकिन अब नए नियम से पेनल्टी व टैक्स दोनों मिलाकर कुल 25 प्रतिशत हो सकेगी। ई-वे बिल में गड़बड़ी पाए जाने पर पहले 1 हजार रुपए पर 100 रुपए की पेनल्टी भुगतनी पड़ती थी, नए प्रावधान के तहत अब यह बढ़कर 250 रुपए हो गई है।

Suresh Jain Reporting
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