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नए निवेश व रोजगार के मौके बढ़ेंगे

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना

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नए निवेश व रोजगार के मौके बढ़ेंगे

नए निवेश व रोजगार के मौके बढ़ेंगे

भीलवाड़ा.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना में कई बदलाव किए है। इसका फायदा उद्यमियों को मिलेगा। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (आरआइपीएस) 2019 के तहत राज्य में निवेशकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसे और प्रभावी बनाने के लिए पिछड़ा व आदिवासी क्षेत्र में निवेश पर डॉ बीआर अम्बेडकर एससी-एसटी उद्यमी प्रोत्साहन पैकेज योजना में लाभ मिलेगा। खासकर बांसवाड़ा व डूंगरपुर क्षेत्र में एलएनजे ग्रुप की राजस्थान स्पिनिंग इकाई है। वहां पर हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस योजना मे निवेश सीमा 50 प्रतिशत कर दी गई है। इससे नया निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अधिकतम अनुदान फिक्सड केपिटल निवेश को 150 से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया है। 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान या अधिकतम 25 लाख रुपए प्रतिवर्ष 5 वर्ष तक मिलेगा अथवा 15 प्रतिशत केपिटल अनुदान या अधिकतम 2 करोड़ तक की छूट मिलेगी। सोलर एवं विंड ऊर्जा मशीन उत्पादन इकाइयों को रोजगार अनुदान 75 से बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने से भी उद्यमियों को रूझान बढ़ेगा। आरआइपीएस के क्लॉज 11.4 में प्लान्ट, मशीनरी एवं उपकरण के साथ आधारभूत सुविधा पर भी ब्याज अनुदान मिलेगा। इस योजना में बड़ा फायदा यह होगा कि आरआइपीएस-2014 के तहत स्वीकृत इकाइयां किन्ही कारणों से उत्पादन शुरू नहीं कर पाई तो दो वर्ष की और छूट मिली है। उद्यमी अपना उत्पादन 31 मार्च 2023 तक शुरू कर सकते हैं।