शारदीय नवरात्र 17 से, नवमी व दशमी एक ही दिन मनेगी

रावण दहन को लेकर संशय

By: Suresh Jain

Published: 28 Sep 2020, 04:01 AM IST

भीलवाड़ा .
कोरोना संक्रमण काल के बीच इस बार शारदीय नवरात्र 17 से 25 अक्टूबर तक मनाए जाएंगे। इसकी तैयारी मंदिरों में प्रारंभ हो गई है। देवी आराधना का पर्व इस बार विशेष संयोगों के साथ आएगा। बुद्धादित्य और सर्वार्थसिद्धि जैसे योग इस बार शक्ति साधना को और महत्वपूर्ण बनाएंगे। पंडित अशोक व्यास ने बताया कि नवरात्र में देवी के नौ स्वरूपों का पूजन किया जाता है। नवमी तिथि की समाप्ति रविवार सुबह 7.42 पर हो जाएगी। इसके बाद दशमी लग जाएगी इसीलिए नवमी व विजया दशमी अपराजिता पूजन इसी दिन किया जाएगा। नवरात्र को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें बुद्धादित्य योग, तीन रवि योग, एक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे। इससे नवरात्रि में देवी आराधना करने वालों को सिद्धियां प्राप्त करने का विशेष अवसर मिलेगा।
व्यास ने बताया कि घट स्थापना शनिवार को तुला राशि का चंद्रमा, चित्रा नक्षत्र, विष्कुंभ योग, करण किंस्तुन रहेगा। एक साल में चार नवरात्र आती है उसमें से दो गुप्त और दो उजागर नवरात्र होती है। अश्विन मास की नवरात्र सबसे खास मानी जाती है। इस नवरात्र में पूरे देश में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती हैं। दशमी के दिन दशहरा मनाया जाता है। नगर परिषद की ओर से आयो्जित होने वाले दशहरे पर्व पर अभी भी संशय बना हुआ है। हालांकि परिषद की ओर से इसकी तैयारी को लेकर फाइल आगे बढ़ा दी है, लेकिन दशहरा पर्व मनाया जाएगा या नहीं यह अभी कहां नहीं जा सकता है। क्योंकि शहर में ३१ अक्टूबर तक धारा १४४ लागू हैं। ऐसे में भव्य रूप से होने वाले दशहरा पर्व होगा या नहीं यह अभी तय नहीं हो सका है। नगर परिषद के अनुसार दशहरा पर्व चार स्थानों पर मनाया जाता है। मुख्य समारोह तेजाजी चौक में मनाया जाता है। यहां रावण दहन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते है। इसके अलावा लेबर कॉलोनी, पुर तथा सांगानेर में रावण दहन होता है।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
सुबह 7.51 से 9.18 तक।
दोपहर 1.40 से 4.04 तक।
शाम 5.57 से 7.30 तक।
रात में 9.04 से 12.10 तक।

Suresh Jain Reporting
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