
का बरसा जब कृषि सुखानी
भीलवाड़ा।
रूठा मौसम किसानों के सपनों पर भारी पड़ा है। जिले में फसलों में 30 से 50 प्रतिशत नुकसान का आंकलन है। सबसे ज्यादा नुकसान मक्का, मूंग व उड़द में है। करेड़ा, रायपुर, सहाड़ा, हुरड़ा सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र में है। जबकि अन्य पटवार मंडल में २५ से ३५ प्रतिशत का खराबा बताया जा रहा है। किसानों को तत्काल राहत देने के लिए बीमा कम्पनी को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि वास्तविक खराबे का आंकलन फसल कटाई प्रयोग के दौरान होगा। अभी केवल आंखों देखी आंकलन के आधार पर ५० प्रतिशत का खराबा माना गया है।
कृषि अधिकारियों का कहना है कि अगस्त व सितम्बर में खरीफ की फसलों को पानी की काफी जरूरत रहती है। इस समय बीज बनने की क्रिया चालू रहती है जिसमें काफी पानी चाहिए, लेकिन बारिश नहीं होने से फसलों में बीज नहीं बन पाया या दाने नहीं बन पाए हैं। कृषि अधिकारी ने बताया कि फसल पकने के समय फसलों को बारिश की जरूरत होती है, जो समय पर नहीं हो सकी। इससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
86 पटवार मंडल में मक्का की फसल खराब
कृषि अधिकारियों का कहना है कि जिला कलक्टर के निर्देश पर जिले भर में किए गए सर्वे में 86 पटवार मंडल में मक्का की फसल में करीब 50 प्रतिशत से अधिक खराबा है। इनमें करेड़ा के 15 पटवार मंडल, सहाड़ा के 30, रायपुर के 20 तथा हुरड़ा के 21 पटवार मंडल शामिल हैं। इसके अलावा जिले के अन्य पटवार मंडल में 25 से 30 प्रतिशत से अधिक का खराबा है।
27 पटवार मंडल में मूंग की फसल खराब
प्रारम्भिक सर्वे में 27 पटवार मंडल में मूंग की फसल 50 प्रतिशत से अधिक फसल में खराबा है। इनमें करेड़ा पटवार मंडल के सभी 24 मंडल में तथा हुरड़ा के ३ पटवार मंडल में मूंग की फसल खराब हुई है। इसके अलावा आसीन्द समेत अन्य पटवार मंडल में भी खराबा हुआ है।
51 पटवार मंडल में उड़द में खराबा
जिले में ऐसे में मूंग व उड़द की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। लेकिन प्रारम्भिक सर्वे में 51 पटवार मंडल में 50 प्रतिशत से अधिक का खराबा है। इनमें रायपुर व करेड़ा पटवार मंडल में उड़द की फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी है। रायपुर में 25 व करेड़ा में 24 पटवार मंडल हैं। जबकि हुरड़ा के 2 मंडलों में भी उड़द की फसल खराब हुई है।
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मूंग व उड़द में सबसे ज्यादा खराबा
जिला कलक्टर के निर्देश पर किए गए फसल खराबे के सर्वे में जिले में लगभग मूंग व उड़द की फसलों में सबसे ज्यादा खराबा है। इसके अलावा मक्का में भी 50 प्रतिशत का खराबा है। वास्तविक आंकलन फसल कटाई प्रयोग के दौरान होगा। हाालंकि किसानों को राहत दिलाने के लिए जिला कलक्टर को व बीमा कम्पनी को लिखा है।
रामपाल खटीक उपनिदेशक कृषि विभाग भीलवाड़ा
Published on:
24 Sept 2021 08:11 am
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