20 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बाजारों में इस बार भी नहीं होगी विद्युत सजावट

कोरोना संक्रमण की आशंका में प्रशासन ने नहीं दी अनुमति
2 min read
Google source verification
बाजारों में इस बार भी नहीं होगी विद्युत सजावट

बाजारों में इस बार भी नहीं होगी विद्युत सजावट

भीलवाड़ा।
दीपावली पर विद्युत सजावट के नाम से भी भीलवाड़ा जाना जाता है। कोरोना में अपनों को खोने वाले लोग दर्द से नहीं उबर पाए हैं। शहर के प्रमुख बाजार एसोसिएशन ने इस बार बाजार में विद्युत सजावट न करने का निर्णय किया। इसके पीछे मुख्य कारण कोरोना संक्रमण की आंशका के साथ जिला प्रशासन ने भीड़ जुटने की संभावना को देखते अनुमति नहीं दी।
व्यापारिक संगठनों ने तय किया कि बाजार नहीं सजेंगे। वैसी सजावट-रोशनी नहीं होगी, जैसी हर दीपावली से पहले होती है। प्रमुख बाजार जगमग नहीं होंगे और बैंड-ऑर्केस्ट्रा ग्रुप की प्रस्तुतियां भी नहीं होगी।
मालूम हो, शहर के बालाजी मार्केट, नेताजी सुभाष मार्केट, सदर बाजार, राजीव गांधी बाजार, कमाल का कुआ, महावीर पार्क, बाजार नम्बर तीन, हरी भाई कचौरी वाला बाजार में कई सालों से सजावट होती आई है। बाजारों में सजावट प्रतियोगिता भी होती है। लक्ष्मी पूजन के बाद हर घर का सदस्य रोशनी देखने बाजार आता है। यह सिलसिला रात एक बजे तक चलता है। इस बार ऐसा देखने को नहीं मिलेगा।
भीड़ से बचने की कोशिश
बालाजी मार्केट के व्यापारी अनिस तलेसरा का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में कई परिवारों ने अपने खोए। उस दर्द को बांटने के लिए इस बार रोशनी नहीं की जा रही है। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए भीड़ जुटाने जैसा कदम नहीं उठाएंगे।
कोरोना की तीसरी लहर से बचाव पहले
ज्वैलर्स नवरत्नमल संचेती ने बताया कि विद्युत सजावट बड़ी बात नहीं है। सबसे बड़ी बात कोरोना की तीसरी लहर से पार पाना है। अगले छह माह आसानी से निकल जाते है तो अच्छा होगा। भीड़ न जुटे इसके चलते रोशनी नहीं की जा रही है। व्यक्तिगत रूप से व्यापारी प्रतिष्ठान सजा रहे हैं। पिछले साल भी कोरोना के कारण सजावट नहीं हुई थी। इससे पहले जीएसटी के विरोध में वर्ष २०१७ में सजावट नहीं की थी।
अपनी-अपनी दुकानें सजाएंगे व्यापारी
ज्वैलर्स व्यापारी मनीष बहेडिय़ा का कहना है कि दीपवाली सबसे बड़ा पर्व है। बाजार में सजावट होनी चाहिए।लोगों की सुरक्षा भी जरूरी है। ऐसे में बाजार न सजाकर केवल व्यक्ति रूप से दुकाने सजाई जाएगी। व्यापारी अपने हिसाब से दुकानों पर लडिय़ां और दीपक जलाएंगे। अब तक सब मिलकर बाजार सजाते आए हैं।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग