विकास में रुचि रखने वालों को मानदेय पर मिलेगा काम

394 पंतायतों में 2400 लोगों को मिलेगा रोजगार

By: Suresh Jain

Published: 15 Jul 2020, 03:02 AM IST

भीलवाड़ा .

गांव के विकास के लिए काम करने में रुचि रखने वालों को पंचायत स्तर पर काम मिलेगा। उन्हें मानदेय पर रखा जाएगा। इससे ग्राम सचिव को अपना काम करने में आसानी होगी। ग्रामीण विकास योजनाओं का आमजन में प्रचार-प्रसार कर इनका धरातल पर बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो सकेगा। हर ग्राम पंचायत में पांच से सात लोगों को काम मिलेगा।
जिले में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सांसद, विधायक कोष समेत ग्रामीण विकास की योजनाओं के तहत सालाना 400 करोड़ रुपए आते हैं जो ग्रामीण विकास पर खर्च किए जाते हैं। इसमें पंचायतों के पास दो प्रतिशत राशि ऐसी होती है जो जनसहभागिता के तहत जनता को सूचना देने, उन्हें अधिकाधिक लाभान्वित कर ग्रामीण विकास को मजबूत करने पर खर्च की जा सकती है। लेकिन पंचायतों में ग्राम सचिव व उनके सहयोगी इस राशि का उपयोग अन्य कामों में कर लेते हैं। इस कारण ग्रामीणों को ग्राम विकास की जानकारी व गांव में हुए कार्यों के बारे में पता नहीं चल पाता। इसे देखते हुए उन्हें इस काम में लगाने का फैसला किया है।
इन कामों के लिए मिलेगा रोजगार
स्वच्छग्राही गांव को स्वच्छ रखने, कचरे व आम रास्तों पर कीचड़ की समस्या के निस्तारण के प्रयास करना लोगों को जागरुक करेंगे। वृक्ष मित्र गांव में पौधे लगा कर उनकी परवरिश करेंगे। सोशल ऑडिटर गांव में विकास कार्यों की ऑडिट। ग्रामीणों को ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी देने। सर्वे व अन्य कार्य। राज मिस्त्री निर्माण संबंधी काम करेंगे तथा कुशल मेट से जेटीए का काम कराया जाएगा।
कुशल युवाओं का चयन, प्रत्येक पंचायत में ६ो नियुक्ति
पंचायत में एक स्वच्छग्राही, चार पंचायतों पर एक कुशल तकनीशियन, सामाजिक अंकेक्षण के लिए प्रत्येक पंचायत में 5 संदर्भ व्यक्ति, वृक्षमित्र के रूप में अंशकालिक कुशल मेट, राज मिस्त्री की आउटसोर्सिंग सेवाएं लेने का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायत के सरपंच तथा सचिवों को अपने गांव से ही कुशल व्यक्तियों का चयन कर ग्राम पंचायतों के सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए इनकी नियमित सेवा लेने की छूट दी गई है। जिला परिषद सीईओ गोपालराम बिरड़ा ने बीडीओ तथा ग्राम पंचायत सचिवों को संदर्भ व्यक्ति, स्वच्छग्राही, राज मिस्त्री, वृक्ष मित्र, तथा कुशल मेटों की नियमित सेवाएं लेकर सिस्टम को मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं।
दस करोड़ रुपए खर्च होंगे
पंचायतों के पास जो दो प्रतिशत राशि रहती है, वह करीब दस करोड़ रुपए तक होती है। इस राशि से जिले में करीब दो हजार लोगों को इंसेटिव पर काम दिलाया जाएगा। इससे पंचायतों की ग्रामीण विकास की योजनाओं का डिस्पले होगा। प्रत्येक पंचायत में छह से सात लोगों को रोजगार मिलेगा। यानी 394 पंचायतों में करीब 2400 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

Suresh Jain Reporting
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