scriptअजमेर-चित्तौड़गढ़ डबल लाइन के लिए 105 और अजमेर-जलिन्द्री कोटा नई लाइन के लिए 50 करोड़ को हरी झण्डी | Union Interim Budget: Bhilwara will get benefit | Patrika News

अजमेर-चित्तौड़गढ़ डबल लाइन के लिए 105 और अजमेर-जलिन्द्री कोटा नई लाइन के लिए 50 करोड़ को हरी झण्डी

locationभीलवाड़ाPublished: Feb 03, 2024 08:43:08 am

Submitted by:

Suresh Jain

अंतरिम बजट में केन्द्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने नई रेल लाइनों के लिए 1438 करोड़ तथा डबलिंग लाइन के लिए देश में कुल 905 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया है। इसमें अजमेर-जलिंद्री-कोटा नई लाइन तथा अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेल ट्रेक को डबलिंग के लिए बजट दिया है।

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अजमेर-चित्तौड़गढ़ डबल लाइन के लिए 105 और अजमेर-जलिन्द्री कोटा नई लाइन के लिए 50 करोड़ को हरीझण्डी

अंतरिम बजट में केन्द्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने नई रेल लाइनों के लिए 1438 करोड़ तथा डबलिंग लाइन के लिए देश में कुल 905 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया है। इसमें अजमेर-जलिंद्री-कोटा नई लाइन तथा अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेल ट्रेक को डबलिंग के लिए बजट दिया है।

दोनों कार्याें पर 155 करोड रुपए मिले है। इससे भीलवाड़ा को भी फायदा मिलेगा। अजमेर से भीलवाड़ा होते हुए चित्तौड़गढ़ डबल लाइन हो जाएगी। इसके लिए 105 करोड़ तथा अजमेर से नसीराबाद, जलिंद्री (भीलवाड़ा) होते हुए कोटा-बून्दी के लिए नई रेल लाइन के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। केन्द्र की ओर से बजट मिलने से लोगों में खुशी की लहर है। दोनों प्रोजेक्टों को गति मिलेगी। इससे विकास रफ्तार पकड़ेगा।

डबल इंजन का फायदा: भरी एक साथ झोली
रेलवे की पिंक बुक के अनुसार अजमेर से भीलवाड़ा होते हुए चित्तौडग़ढ़ तक रेल ट्रेक डबलिंग का कुल 1860 करोड़ का प्रोजे€क्ट है। यह 186 किमी है। इस पर शुरुआत में 5 करोड़, फिर 1 करोड़ रुपए दिए गए थे। पहली बार 2024-25 के लिए 105 करोड़ रुपए एक साथ दिए गए हैं। जोनल रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति सदस्य विनोद मानसिंहका का कहना है कि चित्तौड़गढ़ से नीमच तक रेलवे ट्रैक पहले से डबलिंग है। नीमच से रतलाम के बीच का कुछ हिस्सा इसी वित्त वर्ष में या अगले वित्त वर्ष में पूरा हो जाएगा। चित्तौड़ से अजमेर और नीमच-रतलाम डबल ट्रैक पूरा होने पर अजमेर से रतलाम तक का पूरा खंड एक तरह से सुपरफास्ट ट्रैक बन जाएगा।

अजमेर-कोटा नई रेल लाइन
इसी तरह अजमेर-कोटा नई रेल लाइन का भी काम आगे बढ़ेगा। यह लाइन नसीराबाद व भीलवाड़ा जिले के जलिंद्री (मांडलगढ़-बून्दी) होते हुए गुजरेगी। 825 करोड़ के इस प्रोजे€क्ट की लम्बाई 145 किमी है। 2013 में घोषित इस प्रोजे€क्ट पर 2023-24 में 10 करोड़ 5 लाख रुपए मिले थे। इस अंतरिम बजट में 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। अजमेर-कोटा रेललाइन में अजमेर से नसीराबाद तथा जलिंद्री से कोटा तक पहले ही लाइन बिछी हुई है। ऐसे में कोटा की राह आसान हो जाएगी।

यह भी मिला बजट में
इसी प्रकार रतलाम-डूंगरपुर वाया बासंवाड़ा नई लाइन के लिए 1320 करोड़ रुपए व्यय होंगे। करीब 176 किलोमीटर लम्बी लाइन के लिए सरकार ने 150 करोड़ का बजट दिया है। नीमच से बड़ी सादड़ी करीब 48 किलोमीटर नई लाइन के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया है। मारवाड़ से मावली 152 किलोमीटर के लिए 1597 करोड़ व्यय होंगे। इसके लिए प्रारम्भिक तौर पर 75 करोड़ दिए है। अजमेर-सवाईमाधोपुर वाया टोंक के लिए नसीराबाद-सवाई माधोपुर के बीच 165 किमी नई रेल लाइन बिछाने के लिए 100 करोड़ एक लाख रुपए का बजट मिला है। नसीराबाद-सवाईमाधोपुर के बीच नई रेल लाइन डालने से अजमेर सीधे टोंक से जुड़ेगा।

डबल ट्रैक से होगा फायदा
ट्रैक डबलिंग होने से अप व डाउन ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक मिलेंगे। रेलवे को यात्री व गुडस ट्रेनें और उनकी गति बढ़ने से राजस्व बढेगा। भीलवाड़ा टेक्सटाइल का सेंटर है। यहां से जिंक, पत्थर समेत अन्य का निर्यात होता हैं। चित्तौडग़ढ़ सीमेंट हब है। मालगाडिय़ों का ट्रैफिक रहता है। यात्री गाडिय़ों को रोककर मालगाडिय़ों को क्रॉसिंग देना पड़ता है। दोहरीकरण के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी।

यहां डलेगी नई लाइन
दौसा-गंगापुरसिटी (92.67 किमी)300 करोड़
रतलाम-डूंगरपुर वाया बांसवाड़ा (176.47 किमी) 150 करोड़
अजमेर-कोटा (नसीराबाद-जालिन्द्री) (145 किमी)50 करोड़
पुष्कर-मेडता (59 किमी) 50 करोड़
अजमेर(नसीराबाद) -सवाई माधोपुर (चौथ का बरवाडा) वाया टोंक (145 किमी) 100 करोड़
तारंगाहिल-आबूरोड़ वाया अंबाजी (89.39 किमी) 300 करोड़
नीमच-बड़ी सादड़ी (48.30 किमी) 100 करोड
गुढ़ा-ठठाना मीठडी परीक्षण ट्रैक प्रथम फेज (25 किमी)120 करोड
परीक्षण ट्रैक द्वितीय फेज (34 किमी)250 करोड

यहां होगा दोहरीकरण का कार्य
फुलेरा-डेगाना (108.75 किमी) 240 करोड
डेगाना-राई का बाग (145 किमी)22 करोड
जयपुर-सवाई माधोपुर (131.27 किमी)100 करोड
अजमेर-चित्तौडगढ़ (186 किमी) 105 करोड
सवाई माधोपुर बाइपास (6.98 किमी) 160 करोड
चूरू-रतनगढ़ (42.81 किमी)200 करोड
मनहेरू-बवानी खेडा (31.50 किमी)40 करोड
काठूवास-नारनौल (24.12 किमी)50 करोड

गेज परिवर्तन का कार्य
मारवाड़-मावली (152 किमी)75 करोड

विद्युतीकरण का कार्य
विभिन्न रेलखंडों का विद्युतीकरण 990 करोड

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