
ग्वालियर में सालाना तैयार हो रहा 30 हजार क्विंटल बीज
ग्वालियर. जिले में संचालित चार निजी एवं 14 सहकारी बीज उत्पादन केंद्रों से प्रति वर्ष लगभग 30 हजार क्विंटल बीज उत्पादन होने लगा है। इससे किसानों के सामने बीज के संकट की समस्या कम होने लगी है। जबकि जिले भर में करीब 18 से 20 हजार क्विंटल बीज की आवश्यकता रहती है। ऐसे में ज्यादा उत्पादन होने की स्थिति में उत्पादनकर्ता बीज समितियां बाहरी जिलों एवं प्रदेशों में भी बीज का निर्यात कर रही हैं।
रवी, खरीफ के अलावा अन्य फसलों के लिए धान, गेहूं, बाजरा, ज्वार, तिल, अलसी तथा दलहन में चना, मसूर, अरहर आदि बीजों का उत्पादन ग्वालियर स्तर पर ही शुरू हो गया है। जिले में बीज की मांग पूर्ति क्षमता भी बढ़ रही है। शासन स्तर पर अनुदानित दो सहकारी बीज उत्पादन केंद्र के अलावा भी 12 सहकारी बीज उत्पादन केंद्र संचालित हो रहे हैं। वहीं चार निजी बीज उत्पादन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
- शासन की ओर से बीज उत्पादन समितियों को दिया जा रहा ये अनुदान
बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की ओर से सहकारी समिति को जहां गोदाम निर्माण करने के लिए 36 लाख रुपए का अनुदान दिया जा रहा है वहीं प्रशंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए 24 लाख रुपए अनुदान दिया जा रहा है। फिलहाल इस तरह अनुदान प्राप्त दो बीज उत्पादन सहकारी समितियां हैं। इन में एक डीव्हीएम बीज उत्पादक ईटमा चीनौर एवं दूसरी शीतला बीज उत्पादक माल रोड मुरार है।
- इन स्थलों पर चल रहे सहकारी बीज उत्पादन केंद्र
घाटीगांव क्षेत्र के पृथ्वीपुरा में हरिहर एग्रोबीज उत्पादन सहकारी समिति, मुरार के गेरूबंगला में शीतला बीज उत्पादन, भितरवार के घरसौंदी में उन्नत बीज उत्पादन, ईटमा में डीव्हीएम बीज उत्पादन, कछौआ में किसान बीज उत्पादन, माल रोड मुरार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अंदाना कल्याण समिति, मुरार के राई में वनस्थली किसान उत्पादक प्रोत्साहन सहकारी समिति, मुरार के उदयपुर में विंध्यांचल फार्म प्रोड्यूसर कंपनी, लोहगढ़ में श्रीरामदया प्रोड्यूसर कंपनी, डबरा में जीनियस बीज उत्पादन, जय मां वैष्णो बीज उत्पादन, भारतीय एग्रो परपज, किसान भाररतीय एग्रो परपज, पिछोर में प्राथमिक हाईजैनिक बीज उत्पादन एवं मंगरोरा में महाराणा एग्रो कोऑपरेटिव सहित 18 बीेज उत्पादक समितियां चल रही हैं।
- बीज उत्पादन को बढ़ावा देने स्थापित कराए जा रहे सहकारी केंद्र
बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासन स्तर पर सहकारी बीज केंद्र स्थापित कराए जा रहे हैं। इसके लिए अनुदान भी दिया जा रहा है। संचालित बीज केंद्रों से पर्याप्त बीज उत्पादन होना शुरू हो गया है।
आरएस शाक्यवार, उप संचालक कृषि ग्वालियर
Published on:
18 May 2023, 11:54 PM IST
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