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कैसे रुकेंगे महिला अपराध एएसपी का पद एक साल से रिक्त

locationभिवाड़ीPublished: Feb 02, 2024 06:49:58 pm

Submitted by:

Dharmendra dixit


एसआईयूसीएडब्ल्य का काम कार्यवाहक से चला रहे

कैसे रुकेंगे महिला अपराध एएसपी का पद एक साल से रिक्त
कैसे रुकेंगे महिला अपराध एएसपी का पद एक साल से रिक्त

भिवाड़ी. महिला अत्याचार एवं अपराध पर कैसे प्रभावी नियंत्रण होगा। अपराध होने पर कैसे दोषियों को कानून अनुसार सख्त सजा होगी। भिवाड़ी पुलिस जिले में महिला अपराध नियंत्रण एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन यूनिट क्राइम एगेंस्ट वूमेन (एसआईयूसीएडब्ल्यू) एएसपी का पद सृजित है। लेकिन यह पद करीब एक साल से रिक्त चल रहा है। एएसपी अतुल साहू के स्थानांतरण के बाद कोई नया अधिकारी इस पद पर नहीं आया। तभी से एएसपी मुख्यालय द्वारा कार्यवाहक रूप से इस पद की जिम्मेदारी संभाली जा रही है। इसके साथ ही इस शाखा में एक निरीक्षक, उप निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल का भी पद होता है, जो भी लंबे समय से रिक्त ही है। महिला अपराध नियंत्रण के लिए गठित एसआईयूसीएडब्ल्यू एएसपी और उनके कार्यालय ही खाली पड़ा है।
भिवाड़ी पुलिस जिले में 2022 में 462 एवं 2023 में 384 महिला अत्याचार के प्रकरण दर्ज हुए। पॉक्सो एक्ट एवं गैंग रेप के मामले में पूर्व में जांच एवं कार्रवाई एएसपी एसआईयूसीएडब्ल्यू द्वारा की जाती थी। लेकिन बाद में संबंधित डीएसपी को यह जिम्मेदारी मुख्यालय के आदेश के अनुसार दी गई। इसके बावजूद पर्यवेक्षण एएसपी के अधीन होता है। एसआईयूसीएडब्ल्यू का पद रिक्त होने से एएसपी मुख्यालय ही इस शाखा के कार्य को कार्यवाहक रूप से देख रहे हैं। अधिकारी के पद रिक्त होने के साथ ही महिला थाने की स्थिति भी कमजोर ही है, यहां भी 28 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 20 पुलिसकर्मी की ही नफरी है। ऐसी स्थिति में ऊपर से लेकर नीचे तक अधिकारी और कर्मचारियों की कमी है।
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रिजर्व लाइन की स्थिति कमजोर
भिवाड़ी पुलिस जिले में अभी कुल नफरी 615 पुलिसकर्मियों की है। सभी थाने चौकियों में कर्मचारियों का अभाव है। लेकिन सबसे बड़ी कमी तो पुलिस लाइन के अंदर है। पुलिस लाइन के अंदर पूल ही नहीं बचा है। किसी भी आपात स्थिति या अन्य काम, प्रशिक्षण के लिए लाइन में पुलिसकर्मी ही नहीं है। परेड पीटी, बहुत सारे प्रशिक्षण पुलिस लाइन के अंदर चलते रहते हैं। फोर्स को जरूरत पर कभी भी काम में लिया जा सकता है। अभी लाइन में जवान नहीं होने पर थानों से ही पुलिस बल को जुटाया जाता है। रखरखाव, सफाई की व्यवस्था भी लाइन में पर्याप्त जवान होने चलती है।
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जो भी जिम्मेदारी मिली है उसे बेहतर तरीके से पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाता है। रिक्त पद संबंधी जानकारी भी मुख्यालय को दी गई है।
दिलीप सैनी, एएसपी

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