आमिर के फार्म हाउस से मिले एलबम में चीतल, ब्लैक बक के शिकार की 40 फोटो, मांस बरामद

दुस्साहस: वन्य जीवों का शिकार के बाद लिए गए फोटो बरामद, 50 हजार रुपए में मंगाए थे 520 कारतूस

भोपाल. एसटीएफ के हाथ लगे कारतूस तस्कर इरफान और सलमान से पूछताछ के बाद फरार आरोपी आमिर के ईंटखेड़ी स्थित फार्म हाउस पर सर्चिंग करने पहुंची एसटीएफ और वनविभाग की टीम वन्य जीवों के शिकार के बाद लिए गए फोटो देख दंग रह गई। फोटो एलबम में करीब 40 फोटो मिले हैं। इनमें आमिर के अलावा भी अन्य लोगों के फोटो हैं। इतना ही नहीं टीम को सर्चिंग के दौरान फार्म हाउस में रखे फ्रीज में बड़ी मात्रा में संदिग्ध मांस मिला है। इसके अलावा वन्य जीवों के खाल के टुकड़े बरामद हुए हैं। एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि आमिर की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि उसने यह फोटो कब-कहां लिए। सलमान की गिरफ्तारी की भनक लगते ही भूमिगत हो गया था। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी आमिर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। पुलिस को आशंका कि आरोपी भोपाल के आसपास के जंगलों में शिकार करते हैं। इससे पहले भी कई आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

तड़के पहुंचाई जा रही थी कारतूस की खेप
एसपी राजेश भदौरिया ने बताया कि कारतूस लेकर जयपुर से आ रहे सलमान ने पूछताछ में बताया कि रात में चलने वाली बसों से खेप आती थी। तड़के भोपाल पहुंचने पर बस को रास्ते में ही रोककर खेप उतार ली जाती थी। इससे पुलिस को भनक तक नहीं लगती। पुलिस ने सलमान को कुरावर के पास छह फरवरी को पकड़ा था। इसके बाद इरफान को पूछताछ के बहाने भोपाल बुलाकर दबोचा।

फारेंसिक लैब में होगी मांस की जांच
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी आमिर के फार्म हाउस से किसी वन्य प्राणी के सींग या खाल बरामद नहीं हुई है। फार्म हाउस से वन विभाग के उडऩदस्ते ने सिर्फ मांस जब्त किया है। इस मांस को फारेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी। फारेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि बरामद मांस किस जानवर का है, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले भी आ चुकी कारतूस की खेप
इरफान का कहना कि उसने आमिर को 50 हजार रुपए में 520 कारतूस दिए थे। उसने कारतूस की डिलेवरी लेने अपने करीबी सलमान को भेजा था। सलमान पचौर का रहने वाला है। सलमान का कहना कि इससे पहले भी जयपुर से कारतूस लेकर आ चुका है।

घर से सील लगी मिलीं चार ट्रॉफियां
आरोपी के फार्म हाउस पर चार ट्रॉफियां भी टंगी हुई थी, जांच में यह ट्रॉफियां सांभर की होनी पाई गई। एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने ट्रॉफी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की लेकिन जब ट्रॉफियों को उतारा गया तो उन पर सील लगी पाई गई। ट्राफियां काफी पुरानी भी थीं, सील लगी होने के चलते ट्राफियों को जब्त नहीं किया गया। वन विभाग ने ट्राफियों का रजिस्ट्रेशन मांगा है।

आरोपी के यहां से मांस मिला है जिसकी फारेंसिक जांच कराएंगे, फोटो के आधार पर जंाच कराई जा सकती है, लेकिन यह ठोस सबूत नहीं माना जाता, लेकिन हम इस आधार पूछताछ कर रहे हैं कि शिकार कब और कैसे किया गया।
हरिशंकर मिश्रा, डीएफओ

Sumeet Pandey Desk
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