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कोरोनाकाल में लौटे 46 हजार प्रवासी श्रमिक अभी भी नौकरी का कर रहे इंतजार

ज्यादातर श्रमिकों को रेाजगार देने का दावा किया जा रहा है। उन्हें हुनर के हिसाब से काम और उद्योगों अन्य संस्थाओं में नियुक्ति दी गई। 44 हजार से अधिक लोग ऐसे हैं जिन्हें आज भी रोजगार की जरूरत है।

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भोपाल। कोरोना की पहली लहर के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक मध्यप्रदेश आए। पोर्टल पर इनकी संख्या 7.27 लाख से अधिक है, जबकि दूसरी लहर में प्रवासी श्रमिकों की संख्या 44 हजार 255 रही। इनमें से ज्यादातर श्रमिकों को रेाजगार देने का दावा किया जा रहा है। उन्हें हुनर के हिसाब से काम और उद्योगों अन्य संस्थाओं में नियुक्ति दी गई। 44 हजार से अधिक लोग ऐसे हैं जिन्हें आज भी रोजगार की जरूरत है।

राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए संबल पोर्टल तैयार किया था। इसी में एक-एक श्रमिक का पंजीयन किया गया। पोर्टल में दर्ज आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि 44 हजार 775 प्रवासी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए। जबकि 46 हजार 944 का मामला प्रक्रियाधीन है। संबल योजना में 3.24 लाख प्रवासी श्रमिकों को पात्रता के अनुसार योजनाओं में पंजीयन कराया गया है।

फैक्ट फाइल -
प्रवासी श्रमिक पंजीकृत प्रथम चरण
कुल पंजीकृत श्रमिक - 727067
पुरुष श्रमिक - 593836
महिला श्रमिक - 133231

श्रमिकों को रोजगार मिला -
असंगठित क्षेत्रों में रोजगार - 388667
भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में रोजगार - 234871
कारखाना, उद्योग में रोजगार - 147784

प्रवासी श्रमिक पंजीकृत (द्वितीय चरण)
कुल पंजीकृत प्रवासी श्रमिक - 44255
पुरुष प्रवासी श्रमिक - 36532
महिला प्रवासी श्रमिक - 7723

रोजगार के लिए अन्य प्रदेशो में गए श्रमिक -
कुल श्रमिक - 7398
महिला - 6446
महिला - 932