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अक्षय तृतीया 2018: ये महासंयोग इस बार हर कार्य को बना देगा सफल !

इस बार बन रहा है ये महासंयोग, हर कार्य में मिलेगी सफलता!...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

•

Updated: 3 Apr 2018, 2:48 PM IST

Akshaya tritiya visesh 2018

भोपाल। अबूझ मुहूर्त के रूप में ख्यात अक्षय तृतीया या आखा तीज पर इस बार 24 घंटे सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। इस महासंयोग या दिव्य योग में मांगलिक कार्य, दान-पुण्य तथा खरीदी करना श्रेयष्कर रहेगा। पं.सुनील शर्मा का इस संबंध में कहना है कि इस बार 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया बुधवार के दिन कृतिका नक्षत्र में आयुष्मान योग तथा तैतिल करण की साक्षी में आ रही है।
पं.शर्मा के मुताबिक यदि इस नक्षत्र गणना से देखें तो यह दिन हर प्रकार की सिद्धि देने वाला रहेगा। और साथ ही ये भी संयोग ही है कि इस दिन 24 घंटे सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। ऐसे में इस योग ने दिन की शुभता को ओर अधिक बढ़ा दिया है। मान्यता है कि ऐसे योगों में विवाह, गृह प्रवेश जैसे किए गए मांगलिक कार्य श्रेष्ठ रहते हैं।

ऐसे मिलेगा अक्षय पुण्य...
पंडित शर्मा का कहना है कि वैशाख मास दान की दृष्टि से विशेष माना गया है। इस पवित्र मास में पूरे महीने अन्न्-जल का दान करना चाहिए। इसके अलावा तृतीया पर घट दान की परंपरा भी है।

मान्यता है कि इस दिन घर में जल से परिपूर्ण दो कलश में पंचामृत, पंचरत्न और औषधि मिलाकार एक कलश में जौ डालें। इस कलश को भगवान विष्णु को अर्पित कर ब्राह्मण या शिव मंदिर में दान करें। जबकि दूसरे कलश में काले तिल डालकर पितरों के निमित्त ब्राह्मणों को दान करने से देव व पितृ कृपा प्राप्त होती है।

ये वस्तुएं देंगी स्थाई समृद्धि
अक्षय तृतीया पर स्वर्ण आभूषण खरीदने का विशेष महत्व है। इसके अलावा चांदी, तांबे आदि धातुओं की मूर्ति, पात्र आदि की खरीदी के साथ भूमि, भवन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, वस्त्र आदि की खरीदी स्थाई समृद्धि का कारक मानी गई है।

शिव और विष्णु की आराधना...
भगवान शिव और भगवान विष्णु की आराधना के लिए वैशाख मास सर्वोत्तम माना गया है। इस दौरान शिव मंदिरों में गलंतिका बांधने से भगवान शिव और पितरों की कृपा प्राप्त होती है। वहीं श्रीकृष्ण और विष्णु मंदिरों में चंदन अर्पित करने से भगवान श्री हरि विष्णु और महालक्ष्मी की कृपा होती है।

ऐसे करें भगवान को प्रसन्न...
- व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में सोकर उठें।
- घर की सफाई व नित्य कर्म से निवृत्त होकर पवित्र या शुद्ध जल से स्नान करें।
- घर में ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

मंत्र से संकल्प करें :-
ममाखिलपापक्षयपूर्वक सकल शुभ फल प्राप्तये
भगवत्प्रीतिकामनया देवत्रयपूजनमहं करिष्ये।

- संकल्प करके भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं।
- षोडशोपचार विधि से भगवान विष्णु का पूजन करें।
- भगवान विष्णु को सुगंधित पुष्पमाला पहनाएं।

- नैवेद्य में जौ या गेहूं का सत्तू, ककड़ी और चने की दाल अर्पण करें।
- अगर हो सके तो विष्णु सहस्रनाम का जप करें।
- अंत में तुलसी जल चढ़ा कर भक्तिपूर्वक आरती करनी चाहिए।
- इस दिन उपवास रखें।

जानिये इस दिन क्या खास:
18 अप्रैल को परशुराम जन्मोत्सव है, इस दिन को अक्षय तृतीया भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ इसी दिन से माना जाता है। वैशाख माह की कृष्ण ? पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं। यह 26 अप्रैल को मनाई जाएगी। वहीं 28 अप्रैल को नृसिंह जन्मोत्सव और 30 को बुद्ध जयंती मनाई जाएगी।

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