आयुष्मान-एमपी में शामिल होंगे 30 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल

- सरकार ने बनाई 11 डॉक्टरों की टेक्नीकल कमेटी

भोपाल. कमलनाथ सरकार आयुष्मान-एमपी योजना में अब 30 बेड तक के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को शामिल करेगी। इसके अलावा हर जिले के अस्पतालों को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 11 डॉक्टरों की एक टेक्निकल कमेटी गठित कर दी है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को मंत्रालय में आयुष्मान योजना की समीक्षा की। इसमें मुख्यमंत्री को बताया गया कि राष्ट्रीय मापदंडों के आधार पर केवल नौ जिलों के अस्पताल इस योजना के दायरे में आए हैं। इस पर सीएम ने बाकी जिलों के अस्पतालों को भी मापदंडों की पूर्ति कराने के आदेश दिए। यह भी तय किया गया कि 30 बेड तक के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को योजना में शामिल किया जाए। साथ ही एक कमेटी बनाना भी तय किया। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की जीएम-ऑपरेशन डॉ. वंदना खरे की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें डॉ. उपेंद्र दुबे, डॉ. अंशुल शुक्ला और और मेडिकल कॉलेजों के डीन शामिल रहेंगे। यह कमेटी रिपोर्ट देगी कि किस प्रकार अस्पतालों को अपग्रेड करके मापदंडों की पूर्ति कराई जाए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि सभी योग्य हितग्राहियों को अगले छह माह में गोल्डन कार्ड दिए जाए। शासकीय अस्पतालों के लिए आरक्षित पैकेजेस पर पुनर्विचार हो।

- सीएम के ये निर्देश
योजना में राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के जरिए उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले अस्पतालों को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए मार्गदर्शिका बनाई जाए। जिन चिकित्सालयों को इस योजना में शामिल किया गया है, उन पर सतत निगरानी रखी जाए। गड़बड़ी करने वाले चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सभी योग्य हितग्राहियों को अगले छह माह में गोल्डन कार्ड दिए जाए। शासकीय अस्पतालों के लिए आरक्षित पैकेजेस पर पुनर्विचार हो।
- योजना में अब तक यह कदम
1.31 करोड़ कार्ड आयुष्मान भारत-एमपी में बने
1.75 लाख लोगों के योजना में दावे प्राप्त हुए
1.18 लाख को 157.11 करोड़ इलाज के लिए भुगतान
98 निजी व 339 सरकारी अस्पताल पंजीयन, 257 शिविर लगे

 

anil chaudhary Desk
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