अब दौड़ेगी ब्राडग्रेज मेट्रो, बिजली का होगा आधुनिकीकरण

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- दो केेद्रीय मंत्रियों से शिवराज की मुलाकात, भावी प्रोजेक्ट पर हुई चर्चा, मध्यप्रदेश चलेगा विकास की नई राह पर
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[email protected]भोपाल। मध्यप्रदेश के विकास की नई राह पर चलने की तैयारी हो गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को दिल्ली में दो केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इसमें एक ओर जहां भोपाल-इंदौर जैसे शहरों में ब्राडगेज मेट्रो चलाने पर सहमति बनी, तो दूसरी ओर बिजली के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण करना तय किया गया। केंद्रीय सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मेट्रो, नेशनल हाईवे व सडक़ों के भावी जाल को लेकर बातचीत हुई। वहीं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से आरडीएएस योजना के क्रियान्वयन का एक्शन प्लान बना। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुलाकातों के बाद कहा कि प्रदेश की भावी योजनाओं को लेकर चर्चा हुई है। इससे प्रदेश के विकास में तेजी आएगी।
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ब्राडगेज मेट्रो : आस-पास के शहर जुड़ेगे, कमर्शियल मॉडल भी-
शिवराज ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से भोपाल-इंदौर में ब्राडगेज मेट्रो पर बात की। इसके तहत मेट्रो को कमर्शियल मॉडल पर अपग्रेड करने पर भी चर्चा हुई। यानी मेट्रो यात्रियों के अलावा सामान का परिवहन भी करें। शिवराज ने बताया कि ब्राडगेज मेट्रो में आस-पास के शहरों को भी जोड़ेगे। इसके अलावा गुड्स एंड अदर्स प्रोडेक्टस को भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा नेशनल हाईवे के विकास, रिंगरोड के भावी कांसेप्ट आदि पर भी चर्चा हुई। इंदौर-भोपाल जैसे शहरों के बाहर रिंगरोड को विकसित करने और इनके दोनों ओर टाउनशिप व कमर्शियल एक्टिविटी जोन बनाने पर भी चर्चा हुई। दूसरे बड़े शहरों के पास भी रिंगरोड बनाए जाएंगे।
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क्या है ब्राडगेज-
मुख्य रूप से मेट्रो या कोई भी ट्रेन चार प्रकार के गेज पर चलती है। इस गेज का संबंध पटरी की दूरी से रहता है। ब्राडगेज मुख्यत: दो पटरियों के बीच की आपसी दूरी 1676 एमएम होती है। दूसरा गेज स्टेण्डर्ड गेज माना जाता है। इसकी दो पटरियों की आपसी दूरी 1435 एमएम होती है। वही तीसरा गेज मीटर गेज होता है। मीटर गेज में दो पटरियों की आपसी दूरी 1000 एमएम होती है। चौथा गेज नैरा होता है, जिसमें पटरियों की आपसी दूरी 610 से 762 एमएम तक होती है।
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ब्राडगेज कब अपनाते हंै-
ब्राडगेज को मुख्य रूप से उन रूट पर अपनाया जाता है, जहां पर ट्रॉफिक ज्यादा होता है। ज्यादा ट्राफिक होने और ट्रेन की गति को बढ़ाने के लिए ब्राडगेज पटरी अपनाई जाती है। ट्रेन का पहिया पटरियों की दूरी के हिसाब से व्यास में चलता है। इसलिए ब्राडगेज पर गति बढ़ती है, लेकिन यह बाकी तीनों गेज की तुलना में ज्यादा महंगा रहता है।
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बिजली : पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा आधुनिकीकरण-
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह को शिवराज ने प्रदेश में हरित ऊर्जा विशेषकर सौर ऊर्जा क्षेत्र में उठाये गये कदमों की जानकारी दी। केंद्र की आरडीएएस योजना के तहत बिजली के आधुनिकीकरण पर चर्चा की। इसमें साठ फीसदी मदद केंद्र और चालीस फीसदी राशि बिजली कंपनी देगी। इसमें आधुनिक तकनीक से इंफ्रा को अपग्रेड किया जाएगा। शिवराज ने बताया कि मध्यप्रदेश स्मार्ट मीटर अपनाने में अच्छी प्रगति कर रहा है। राज्य में लगभग 1.2 लाख स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। शिवराज ने कहा कि कोरोना के चलते बिजली वितरण कम्पनी की बकाया सबसिडी के अग्रिम भुगतान के लिए राज्य को कम से कम दो साल का समय दिया जाना चाहिए। साथ ही बकाया राशि के भुगतान को एक किश्त की बजाय तीन किश्त में किया जाए। शिवराज ने बताया कि प्रदेश में आरडीएएस योजना के तहत बिजली के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण करना तय किया गया है।
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जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
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