सीएम बोले - बाहरी को नौकरी नहीं मिले, एेसी व्यवस्था बनाओ

सीएम बोले - बाहरी को नौकरी नहीं मिले, एेसी व्यवस्था बनाओ

Yogendra Sen | Publish: Mar, 14 2018 10:24:12 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

- कैबिनेट बैठक में एमपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं के मामले में कहा

भोपाल. कैबिनेट बैठक में मंगलवार को एमपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं से बाहरी लोगों के नौकरी पाने का मामला उठा। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, अब प्रदेश में बाहरी लोगों को नौकरी नहीं देंगे। अफसरों ने बाहरी लोगों की भर्ती पर रोक नहीं लगाने संबंधित कोर्ट के आदेश का हवाला दिया तो मुख्यमंत्री ने कहा, एेसा है तो हम उच्च शिक्षा में नई भर्ती करने की बजाए अतिथि विद्वानों को सहायक प्राध्यापक बना देंगे। बाहर के लोग यहां नौकरी ले लेते हैं, उससे बेहतर है कि स्थानीय युवाओं को नौकरी मिले।

सीएम ने कहा कि एेसे नियम बनाए जाएं कि प्रदेश के लोगों को ही रोजगार मिले और कोर्ट का कोई फैसला भी उसमें दिक्कत न बने। एक मंत्री ने बताया कि अभी दूसरे राज्यों में तमिल और तेलगू भाषा का स्थानीय प्रश्न-पत्र होता है, जो केवल वहीं के लोग हल कर पाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, इसी तर्ज पर मंत्री और अफसर मिलकर एेसा प्लान बनाएं। यहां भी एेसे दो प्रश्न-पत्र केवल मध्यप्रदेश के लोग ही हल कर सकें।

काले रंग से पोत दिए पीएम आवास के पोस्टर
खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी में आचार संहिता के नाम पर कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के दीवारों पर लिखे पोस्टर तक काले रंगे से पुतवा दिए। सीएम बोले, इसे सही कराया जाए। इस बीच सीएम के पीएस विवेक अग्रवाल ने कहा, हम सही करवा लेंगे। हम तो आवासों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो वाली टाइल्स लगवा रहे हैं। इस पर मंत्री ओमप्रकाश ने कहा, टाइल्स ड्राइंग रूम में लगाना चाहिए।

मंत्री दूर करें योजना का भ्रम
बैठक में मंत्रियों ने कहा कि पीएम आवास योजना के पैसे को लेकर जनता में भ्रम है कि पैसा लौटाना पड़ेगा। सीएम ने कहा, यह भ्रम दूर करने की जिम्मेदारी हमारी और आपकी है। इस बीच पीएस विवेक अग्रवाल ने कहा कि पीएचपी के तहत शहरी क्षेत्र में जो ढाई लाख रुपए कर्ज लिया जा रहा है वह हितग्राही को लौटाना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में बनने वाले आवास में पैसा नहीं देना होगा। इस पर सीएम ने कहा कि योजना का सही तरीके से प्रचार हो।

ये निर्णय भी हुए
सिंहस्थ में रखे अस्थायी २७९० होमगार्ड को स्थायी किया जाएगा।
एक अप्रैल से १५ मई तक गरीब कल्याण महाअभियान। एक ही जगह गरीबों की समस्याओं का निराकरण।
नगर पालिका विधि अधिनियम में संशोधन करके मुद्रांक शुल्क साढ़े आठ से बढ़ाकर दस फीसदी किया।
ईवीएम व वीवीपीएटी के लिए वेयर हाउस निर्माण को मंजूरी।
भोपाल सेंट्रल जेल ब्रेक की जांच रिपोर्ट सबमिट। अब विधानसभा पटल पर रखी जाएगी।

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