पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च

Krishna singh | Publish: Sep, 03 2018 08:20:39 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च

भोपाल. प्रदेश में पेट्रेाल-डीजल की रिकार्ड कीमतों और बढ़ते महिला उत्पीडऩ के विरोध में रविवार को कांग्रेस की ओर से पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। मध्य विधान सभा में कांग्रेस के नासिर इस्लाम के नेतृत्व में शाहपुरा शैतान सिंह चौराहे से निकाले गए पैदल मार्च बड़ी संख्या में युवा कांग्रेसी शामिल हुए।

नासिर इस्लाम ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर मप्र राज्य सरकार की ओर से सबसे अधिक टैक्स लगाकर इन्हें महंगा किया जा रहा है, इससे जनता ***** रही है। प्रदेश में महिला उत्पीडऩ के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं प्रदेश के युवा रोजगार के अभाव में भटक रहे हैं। मुख्यमंत्री की थोथी घोषणाओं को समझ चुके प्रदेशवासी इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आतुर हैं।

बेरोजगारों को संगठित करेंगे, तैयार होगा नौकरी देने वाला मांग पत्र

बेरोजगार संगठित नहीं है, युवाओं को अब तक सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, हम इन्हें संगठित करने के लिए एक मंच तैयार कर रहे हैं। इसके जरिए उनकी मांगों को लेकर एक मांग पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे सभी राजनीतिक दलों के सामने पेश किया जाएगा।

रविवार को यह बात समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने भोपाल के गांधी भवन में प्रेस वार्ता में कही। बेरोजगार पंचायत के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सपा से बड़ी निराशा मिली है, वहां भी युवाओं और बेरोजगारों को लेकर सिर्फ राजनीति ही हुई है। अब मैं मप्र के बेरोजगारों को संगठित करने का काम करूंगी। उन्होंने पत्रकारों सवालों के जवाब में कहा कि हर राजनीतिक पार्टी जनता के मुद्दों पर बात करने में असफल है। वह सिर्फ अपना वोट देखती है।

पहले समाजवाद लाया गया और अब जातिवाद।

इसके जरिए वे सिर्फ वोट की चिंता करते हैं। पंखुड़ी ने कहा कि बेरोजगारों की मांगों के आधार पर ही एक मांग पत्र तैयार किया जाएगा, जिसमें रोजगार कैसे दिया जाएगा इस पर फोकस होगा। बेरोजगार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय हुंका ने बताया कि मप्र में सरकारी आंकड़ों के अनुसार मप्र में पिछले दो साल में 53 फीसदी बेरोजगारी बढ़ी है, इसके बाद भी सरकार को युवाओं की चिंता नहीं है।

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