नाबालिग का यौन शोषण करने वाले फूफा को तिहरा आजीवन कारावास, पड़ोसी को 20 साल की सजा

कोर्ट ने पीएस उच्च शिक्षा को भी आदेश की प्रति भेजी और कहा कि छात्रों को बताएं कि यौन शोषण में मिलती है कठोर सजा

भोपाल। नाबालिग का एक साल तक यौन शोषण कर दुष्कर्म करने वाले सगे फूफा कौशल शर्मा को अदालत ने तिहरे आजीवन कारावास-जुर्माने की सजा सुनाई है, वहीं पड़ोसी राहुल कुमार को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष सत्र न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। छात्रों में जागरूकता फैलाने के लिए कोर्ट ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को फैसले की एक प्रति इस निर्देश के साथ भेजी है कि छात्रों को बताया जाए की यौन शोषण के मामलों में कठोर सजा का प्रावधान है, इससे पूरा जीवन प्रभावित हो जाता हैं।

सरकारी वकील सीपी गौतम ने बताया कि चाइल्‍ड लाइन को दिनांक 22 मई 2018 को टोल फ्री नंबर 1098 पर अपराध की सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि साकेत नगर में एक बच्‍ची के साथ उसके फूफा और पडोस में रहने वाले दो लडकों द्वारा गलत काम किया जा रहा है। तब चाइल्‍ड लाइन में कार्य करने वाली मधु बौद्ध थाना बागसेवनिया आकर पुलिस वालों के साथ बच्‍ची के घर पहुंची जहां पूछताछ पर 9 वर्षीय मासूम ने बताया था कि माता पिता की मृत्‍यु के बाद वह अपने सगे फूफा कौशल शर्मा के यहां रहने आई थी। कौशल ने मासूम के साथ डरा धमका कर घर में ही करीब 1 साल तक दुष्कर्म किया। पड़ोस में रहने वाले इंजीनियरिंग छात्र राहुल कुमार ने भी मासूम के साथ दुष्कर्म किया था।
गौरतलब है कि राजधानी में यौन शोषण के मामले लगातार बढते जा रहे हैं। इनमें युवाओं से लेकर बूढे तक आरोपी हैं। इसलिए कोर्ट ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को यह आदेश भेजकर सभी कॉलेजों में भेजकर छात्रों को इस बारे में बताने के लिए कहा है कि यौन शोषण का क्या परिणाम हो सकता है। उसमें कितनी कठिन सजा मिलती है जिससे पूरी जिंदगी खराब हो जाती है।

सुनील मिश्रा
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