विधायक के सामने आया मृतक, बोला- 'साहब मैं जिंदा हूं'

विधायक के सामने आया मृतक, बोला- 'साहब मैं जिंदा हूं'

Amit Mishra | Updated: 06 Oct 2019, 01:47:32 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

प्रधानमंत्री आवास का मामला: मेरे बेटे से मांगे थे दस हजार रुपए, ग्राम पंचायत बनेठ

अधिकारियों को घूस देने के पैसे नहीं थे तो अधिकारियों ने बृद्व को मृत घोषित कर दिया

भोपाल। मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक अजीब मामला सामने आया है। बृद्व के अधिकारियों को घूस देने के पैसे नहीं थे तो अधिकारियों ने बृद्व को मृत घोषित कर दिया। बृद्व ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुटीर बंटना है। इस कुटीर के लिए सन् 2011 में सर्वे हुआ, जिसमें बृद्व का नाम आ गया। इससे बृद्व खुश हुआ और कुटीर मिलने का सपना देखने लगा, इसी बीच बृद्व से ग्राम पंचायत के सचिव ने कुटीर के एवज में दस हजार रुपए मांगे। जब बृद्व ने पैसा नहीं दे पाया तो कुटीर की सूची में से उसका नाम गायब कर दिया, इतना ही नहीं उसे मृत घोषित कर दिया। जिससे उसे कुटीर नहीं मिल सके।

 

जिंदा होने का प्रमाण पत्र दे चुका है
अब बृद्व अपने जिंदा होने का प्रमाण कुटीर की चाहत में विधायक से लेकर पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दे चुका है, इसके बाद भी उसे अभी तक कुटीर नहीं मिल पाई है।

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ये है मामला
कुंभराज तहसील के बनेठ ग्राम पंचायत के रामप्रसाद मीना ने बताया कि गांव के ही सचिव राजेन्द्र मीना ने दस हजार रुपए न मिलने पर उनको कागजों में मृत घोषित कर दिया है। ग्राम पंचायत बनेठ में अधिकतर मीना समाज के लोग रहते हैं। यहां रहने वाले साठ वर्षीय रामप्रसाद मीना ने पत्रिका को बताया कि वह कच्चे मकान में रहता है, उसके तीन पुत्र और दो पुत्री हैं।

घर में पानी भर जाता है
कच्चा मकान है बारिश होने से घर में पानी भर जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मैंने भी कुटीर के लिए सरपंच से आग्रह किया। सन् 2011 की सूची अनुसार कुटीर के सर्वे सूची में मेरा नाम आ गया था। उसका कहना था कि कुटीर की जानकारी मिलने पर मेरे घर वाले बहुत खुश हुए थे। उसका आरोप है कि ग्राम पंचायत बनेठ का सचिव राजेन्द्र प्रसाद मीना ने मेरे लड़के विजय से कुटीर के बदले दस हजार रुपए मांगे।

मैं जिन्दा हूं
गरीब होने पर न मैं यह पैसे नहीं दे पाया तो सचिव ने मुझे कागजों में मरा बता दिया। ऐसा करके मुझे सचिव ने कुटीर नहीं मिलने दी। उसका कहना था कि मैंने इसकी शिकायत सरपंच संतोष मीना और क्षेत्रीय विधायक लक्ष्मण सिंह से की है। उसने बताया कि साहब मैं सरपंच, विधायक और पंचायत के अधिकारियों के पास जाकर बता रहा हूं कि मैं जिन्दा हूं, मुझे सचिव ने कुटीर न देकर कागजों में मृत बता दिया है। मुझे कुटीर तो दिलाओ। इस मामले में जिपं सीईओ अरुण श्रीवास्तव ने कहा, इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे ही दो कुंए में हो गया फर्जीवाड़ा
बनेठ पंचायत में कूपधारा योजना के तहत दो कुंओं का फजीवाड़ा भी सामने आया है। इसी पंचायत में रहने वाली हरबाई मीना के नाम से एक कुंए के नाम पर एक लाख 24 हजार रुपए निकल गए, इसी तरह सुमेर सिंह मीना के नाम से 16 हजार रुपए निकल गए। इन दोनों कुंओं के फर्जीवाड़े से पैसे निकालने के मामले में ग्राम पंचायत राजेंद्र मीना का नाम आया है। जिसकी भी बनेठ के लोगों ने चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह से की है। खास बात ये है कि सरपंच ने विधायक को बताया कि उसके यहां न तो किसी खेत में कुंए बने और न ही खुदे।


कुटीर न देकर वृद्ध रामप्रसाद मीना को मृत बताने के मामले को गंभीरता से लिया है, ग्राम पंचायत के सचिव की शिकायत की है, इस मामले की जांच कराएंगे, मामला सही पाया जाता है तो यह सचिव नौकरी करने लायक नहीं हैं।
लक्ष्मण सिंह, कांग्रेस विधायक चांचौड़ा


ग्राम पंचायत के सचिव राजेन्द्र मीना ने वृद्ध रामप्रसाद मीना और उसके बेटे से दस हजार रुपए मांगे थे, न देने पर उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया। इस मामले में जांच के लिए विधायक से कहा है।
संतोष मीना सरपंच ग्राम पंचायत बनेठ

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