
dengue patients
भोपाल। कोरोना वायरस के स्वरूप बदकर डेल्टा, डेल्टा प्लस होंने के बाद अब डेंगू वायरस भी अपना रूप बदल रहा है। प्रदेश में बीते एक महीने में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर ढाई हजार से ज्यादा हो गई है। ऐसे में विभाग को आशंका है कि कहीं कोरोना की तरह डेंगू के वायरस ने भी अपना स्वरूप बदल लिया हो। इसकी पुष्टि करने के लिए विभाग ने डेंगू के कुछ सैंपल जांच के लिए दिल्ली की एनआईवी लैब भेजे हैं। मप्र के करीब आधा दर्जन जिलों से एनआईवी में सैंपल सीरो टाइपिंग के लिए भेजे गए थे। एनआईवी से आई जबलपुर जिले के सैंपल्स की रिपोर्ट में डेन-2 वैरिएंट मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये स्ट्रेन पिछले सालों में मिलता रहा है।
डेंगू का डी2 स्ट्रेन क्या है
डेंगू बुखार चार तरह का होता है। डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 में से डेन -2 यानि डी2 खतरनाक माना जाता है। इसमें बीमारी पैदा करने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है। यह बहुत तेजी से बीमार करता है और जानलेवा भी होता है। इसे डेंगू शॉक सिंड्रोम से जोड़कर भी देखा जाता है। इसमें मरीज को बुखार के साथ प्लेटलेट्स काउंट गिरने के अलावा अचानक ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, जिससे मरीज की मौत भी हो सकती है।
चार नए मरीज मिले
सोमवार को शहर में डेंगू के चार और मामले सामने आए। शहर में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर अब 180 तक पहुंच गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के हॉट स्पॉट पर लार्वा सर्वे और बढ़ा दिया है। कई इलाकों में घरों में टंकियों आदि में भी लार्वा मिल रहा है। इसे नष्ट कराया जा रहा है। लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इस दौरान अमले की लोगों के साथ झडप भी हो रही है।
Published on:
13 Sept 2021 11:58 pm
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