निराश्रित निधि पर आया चुनावी खर्चों का बजट

निराश्रित निधि पर आया चुनावी खर्चों का बजट

Rohit verma | Publish: Sep, 04 2018 01:19:42 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

अप्रैल से अब तक साढ़े छह हजार करोड़ खर्च

भोपाल. सरकारी खजाने की खराब हालत के कारण चुनावी खर्चों का बोझ निराश्रित निधि पर आ गया है। इसका पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है, ताकि चुनावी फायदे लिए जा सकें। अप्रैल से अब तक करीब साढ़े छह हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

सरकार ने अनुपूरक बजट के लिए सितंबर में विधानसभा का सत्र बुलाने की तैयारी की थी, लेकिन विधानसभा में नियुक्तियों को लेकर अध्यक्ष व उपाध्याय के बीच तकरार के चलते इस पर सहमति नहीं बन सकी। नवंबर में चुनाव के कारण भी पक्ष और विपक्ष में तल्खी की स्थिति है, इसलिए अभी तक अनुपूरक बजट को लेकर सत्र बुलाना तय नहीं हो सका है। इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग जैन को खर्चों के लिए दूसरे रास्ते तलाशने के लिए कहा था। इसके बाद निराश्रित निधि को अन्य मदों में खर्च किया जाने लगा है। इससे सडक़ से लेकर शाला भवन निर्माण तक किए जा रहे हैं।

 

ऐसे हैं खर्च के हालात
सरकार ने अनुपूरक बजट के लिए सितंबर में विधानसभा का सत्र बुलाने की तैयारी की थी सरकार को दिसंबर मध्य तक का खर्च चलाना है, क्योंकि सितंबर के अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में आचार संहिता लगने की संभावना है। जबकि, चुनाव के कारण खर्च अधिक बढ़ गए हैं। भावांतर योजना, संबल योजना, बिजली बिल माफी व फ्लैट रेट सहित अन्य खर्च अतिरिक्त हैं, जो मुख्य बजट में शामिल नहीं थे। सरकार दिसंबर तक अनुपूरक बजट भी नहीं ला सकेगी। इस कारण खर्च का दबाव ज्यादा है। कई जगह इसी कारण वेतन भुगतान में दिक्कत आ चुकी है।

सरकारी खजाने की हालात ठीक है। नई योजनाओं के लिए बजट का इंतजाम हो चुका है। निराश्रित निधि को तो पहले से तय मदों में खर्च किया जा रहा है। केंद्र से बची राशि का भुगतान भी जल्द हो जाएगा।
जयंत मलैया, वित्त मंत्री

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