बिना परीक्षा सेना में भर्ती के लिए दलाल को दिए थे चार-चार लाख

बिना परीक्षा सेना में भर्ती के लिए दलाल को दिए थे चार-चार लाख

Pushpam Kumar | Publish: Aug, 13 2018 06:55:31 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

सेना में सेंधमारी: हरियाणा के दो युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे

भोपाल. बैरागढ़ थाना क्षेत्र स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में हिमाचल प्रदेश के दो युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर आरक्षक पद पर ज्वाइन करने पहुंचे। आर्मी के वरिष्ठ अधिकारियों ने जब पड़ताल की तो पता चला कि नियुक्ति पत्र ही फर्जी हैं। दोनों से चार-चार लाख रुपए लेकर दलाल ने फर्जी नियुक्ति पत्र बना दिए थे। मामले में पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।


हिमाचल प्रदेश निवासी अक्षय चौहान पिता करमचंद और नवनीत सिंह पिता प्रमोद सिंह 6 अगस्त को बैरागढ़ स्थित मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे। दोनों के पास आरक्षक पद के लिए नियुक्ति पत्र था। इस समय वहां पर ट्रेनिंग की कोई बैच शुरू नहीं हुई थी। इस पर आर्मी के वरिष्ठ अधिकारियों को फर्जीवाड़े का संदेह हुआ। इन दोनों युवकों से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि इन लोगों ने बिना कोई लिखित और फिजिकल परीक्षा दिए दलाल से मिलकर चार-चार लाख रुपए में नियुक्ति पत्र ले लिए थे। इसके बाद आर्मी ने इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों को तीन दिन के पीआर पर लिया है। दोनों के पिता सिक्यूरिटी गार्ड हैं, जो रुपए उधार लेकर दिए थे।


दलाल से ट्रेन में हुई थी मुलाकात : आरोपी अक्षय की ट्रेन में पीके राय नाम के दलाल से मुलाकात हुई थी। उसने खुद को आर्मी का कर्नल बताया था। उसने नौकरी का झांसा दिया और ये लोग उसके झांसे में आ गए। अक्षय खुद तो उसके झांसे में आया ही, अपने दोस्त नवनीत को भी अपने साथ ले लिया। जालसाज ने इनसे कहा था कि चार-चार लाख रुपए लेकर आना, इसके बाद काम हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश से ये लोग पश्चिम बंगाल के पारागढ़ गए। इन लोगों ने रुपए दे दिए। बाद में इन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया गया।

सात साल से नहीं हुई कोई भर्ती प्रक्रिया : दोनों आरोपियों के पास वेस्ट बंगाल के कचरा पारा आर्मी ट्रेनिंग सेंटर से नियुक्ति पत्र बनाकर भेजा गया था। आर्मी ने जब पता किया तो पता चला कि जहां से नियुक्ति पत्र जारी किया गया है, वहां पर पिछले सात साल से कोई भर्ती नहीं हुई है। दोनों आरोपियों के पास 21 जुलाई 2018 को जारी नियुक्ति पत्र था। इन्हें भोपाल में 6-7 अगस्त को ज्वाइन करना था। जब ये लोग यहां ज्वाइन करने पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

मामले में जांच कर रहे : अभी तक ये सामने आया है कि ये लोग रुपए देकर भर्ती हुए हैं। इसमें आर्मी की संलिप्तता है कि नहीं, इस मामले में पश्चिम बंगाल के ट्रेनिंग सेंटर में पड़ताल करने के बाद ही पता चल पाएगा। जिस शख्स से ये लोग मिले थे। उसकी तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा।
ओपी मीना, एसआइ बैरागढ़

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