यहां सरेआम स्कूल-कॉलेज की छात्राओं से हो रही छेड़खानी! आदेश के बावजूद नहीं हटी दुकानें

Deepesh Tiwari

Publish: Sep, 17 2017 11:10:58 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
यहां सरेआम स्कूल-कॉलेज की छात्राओं से हो रही छेड़खानी! आदेश के बावजूद नहीं हटी दुकानें

कोलार में सर्वधर्म स्थित शराब दुकान के पास महिलाओं व लड़कियों से छेड़छाड़ आम बात हो चुकी है।

भोपाल। असामाजिक तत्व यहां राह चलते छेड़छाड़ करते हैं। दोपहर में स्कूल-कॉलेज की छात्राओं व शाम को महिलाओं को परेशानी होती है। शराब दुकान के खिलाफ आंदोलन तक किए गए, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। पिछले साल कोलार मदिरा विरोधी मंच ने दुकान के सामने पंडाल लगाकर प्रदर्शन किया था। दुकान को बंद कराने जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपे गए थे। कलेक्टर ने दुकान हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन एेसा कुछ नहीं हुआ।

केस 01- सर्वधर्म बी-सेक्टर निवासी पुष्पलता सिंह रात करीब 9.30 बजे मिनी बस से उतरीं। उनके साथ पति व 12 साल की बेटी सुमन थी। उन पर नशे में धुत युवकों ने फब्तियां कसीं। पति ने विरोध किया तो हाथापाई कर दी। मामला कोलार थाने पहुंचा था।

केस 02- दामेखेड़ा ए-सेक्टर निवासी रेखा बेटी दुर्गा (16) के साथ शाम करीब साढ़े चार बजे सब्जी लेने आई थीं, तभी एक शराबी युवक ने दुर्गा का हाथ पकड़ लिया। इस पर मां बेटी ने शराबी युवक की चप्पलों से जमकर पिटाई की थी।

स्कूली छात्राओं के लिए मुसीबत :
शराब दुकान जिस बस स्टॉप के पास है, उस पर दोपहर में स्कूल और कॉलेज की दर्जनों बसें रुकती हैं। इन बसों से सैकड़ों छात्राएं उतरती हैं। शराब दुकान व आसपास सक्रिय असामाजिक तत्व उन पर कमेंट्स करते हैं।

शराब दुकान के कारण यहां से निकलना भी मुश्किल है। परेशानी होने के साथ ही छेड़छाड़ की घटनाएं आम हैं। पुलिस शाम के वक्त कभी-कभार नजर आती है। दुकान को हटाना ही स्थायी हल होगा।
- नीलम शर्मा, सर्वधर्म बी-सेक्टर

छेड़छाड़ की वारदात तो आए दिन होती हैं। शिकायत करो तो कोई सुनता नहीं है। लगता है जिम्मेदार कोई बड़ी वारदात होने का इंतजार कर रहे हैं।
- कोमल थदानी, सूर्या कॉलोनी

शराब दुकान के कारण सर्वधर्म में मेन रोड पर अपराधियों का जमावड़ा लगा रहता है। हमने पिछले साल दुकान हटाने के लिए आंदोलन किया था। नेताओंं, अधिकारियों ने इसे हटाने की बात कही थी फिर भी कुछ नहीं हुआ।
- आशा जैन, अध्यक्ष, कोलार मदिरा विरोधी मंच

इधर, आदेश के बावजूद अब तक नहीं दी जानकारी :-
स्कूल बसों के स्टाफ का पुलिस वेरीफिकेशन(police) अनिवार्य किए जाने के बाद भी किसी स्कूल ने रुचि नहीं दिखाई। उन्हें वेरीफिकेशन की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को देना है। जबकि, डीईओ एक सप्ताह पूर्व आदेश जारी कर चुके हैं।


गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल (ryan international school news) में मासूम की हत्या के बाद स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा है। आयोग ने स्कूल के टीचिंग स्टाफ, मैनेजमेंट सहित स्कूल में कार्यरत हर कर्मचारी का वेरीफिकेशन करने को कहा है।

स्कूल संचालकों से कहा है, वे स्कूल में अभिभावक, टीचर, बुद्धिजीवी आदि की कमेटी बनाएं और महीने में एक बार बैठक कर स्कूल की सुरक्षा व बच्चों की समस्याओं पर चर्चा करें।

कई शिकायतें मिलीं:
आयोग अध्यक्ष ने बताया कि कई स्कूलों से शिकायतें आती हैं कि वे 15 दिन पहले आवेदन कर चुके हैं, फिर भी पुलिस वेरीफिकेशन नहीं हुआ। पुलिस की भी परेशानी है, फिर भी वेरीफिकेशन जरूरी है। इसमें पेंडेंसी नहीं होनी चाहिए।

आई कार्ड जारी किए जाएं:
स्कूल स्टाफ के पास आई कार्ड होना जरूरी है, जिसे वह अपने गले में डालकर रहें। आमतौर पर स्कूल परिसर में कोई भी घटना होने पर संबंधित क्लास टीचर अथवा किसी कर्मचारी को हटा दिया जाता है, जरूरत इस बात की है कि प्रबंधक को जिम्मेदार मानकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पुलिस वेरीफिकेशन के मामले में स्कूल काफी पिछड़े हुए हैं। कई स्कूलों में वेरिफिकेशन नहीं किया जाता है, जबकि, स्कूल संचालकों को इसके लिए पहले ही निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस को भी कहा गया है कि हर स्कूल के स्टाफ का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए।
- राघवेंद्र शर्मा, अध्यक्ष बाल आयोग

जो स्कूल इस संबंध में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में प्राचार्यों को एक बार फिर से रिमाइंडर पहुंचाया जा रहा है। अभी तक एक भी स्कूल से सत्यापन की जानकारी नहीं आई है।
धर्मेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी

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