1 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस बड़े झटके से कांग्रेस पर ‘गरम’ हैं मायावती, गुस्से में बोलीं- यह पार्टी के दोगले चरित्र को दर्शाता है

इस बड़े झटके से कांग्रेस पर 'गरम' हैं मायावती, गुस्से में बोलीं- यह पार्टी के दोगले चरित्र को दर्शाता है

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Pawan Tiwari

Apr 30, 2019

mayawati

भोपाल. बीएसपी सुप्रीमो मायावाती कांग्रेस पर फायर हैं। कांग्रेस ने उन्हें मध्यप्रदेश में बड़ा झटका दिया है। गुना से उनकी पार्टी से चुनाव लड़ रहे लोकेंद्र सिंह राजपूत कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। लोकेंद्र बतौर बीएसपी के उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा दाखिल कर दिया था। वोटिंग से पहले उन्होंने सोमवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इसी बात से मायावती कांग्रेस पर गरम हो गई हैं।

गुना से कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को उम्मीदवार बनाया है। सिंधिया अपने कुनबे को मजबूत करने के लिए बीएसपी उम्मीदवार लोकेंद्र सिंह राजपूत को पार्टी में लाएं। उसके बाद उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि गुना संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के युवा प्रत्याशी लोकेंद्र सिंह धाकड़ कांग्रेस में शामिल होकर अपना समर्थन हमें दे दिया है। उसके बाद उऩ्होंने लिखा कि कांग्रेस परिवार में आपका स्वागत है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके आने से पार्टी और मजबूत होगी।

ज्योतिरादित्य यहां से चार बार सांसद रहे हैं। इस बार उनका मुकाबला बीजेपी के केपी यादव से है। लोकेंद्र के आने से राजपूत वोटों में बिखराव नहीं होगा और इससे सिंधिंया को फायदा होगा। वहीं, अगर जातिगत आंकड़ें की बात करें तो गुना में 18.11 फीसदी लोग अनुसूचित जाति और 13.94 फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति के हैं। ऐसे में बीएसपी के उम्मीदवार इन वोटों में भी सेंधमारी करते। वहीं, इन वोटरों को लुभाने के लिए शनिवार को मायावती गुना में चुनावी सभा करने वाली थीं। उससे पहले ही कांग्रेस ने उन्हें झटका दे दिया है।

कांग्रेस द्वारा दिए गए इस झटके से मायावती पूरी तरह से भड़क गई हैं। उन्होंने दो ट्वीट के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा। मायावती ने लिखा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के मामले में कांग्रेस भी बीजेपी से कम नहीं। एमपी के गुना लोकसभा सीट पर बीएसपी उम्मीदवार को कांग्रेस ने डरा-धमकाकर जबर्दस्ती बैठा दिया है। किंतु बीएसपी अपने सिम्बल पर ही लड़कर इसका जवाब देगी और अब कांग्रेस सरकार को समर्थन जारी रखने पर भी पुनर्विचार करेगी।

दूसरे ट्वीट में उन्होंने यूपी को लेकर निशाना साधा। उसमें उन्होंने लिखा कि यूपी में कांग्रेसी नेताओं का यह प्रचार कि बीजेपी भले ही जीत जाए किंतु बसपा-सपा गठबंधन को नहीं जीतना चाहिए, यह कांग्रेस पार्टी के जातिवादी, संकीर्ण और दोगले चरित्र को दर्शाता है। अतः लोगों का यह मानना सही है कि बीजेपी को केवल हमारा गठबंधन ही हरा सकता है। लोग सावधान रहें।

दरअसल, मायावती को यूपी में भी कांग्रेस ने कई झटके दिए हैं। वहां पार्टी के कई नेताओं को तोड़ कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही यूपी के दूसरे दलित नेताओं को तरजीह देने की वजह से भी मायावती खफा थीं।