हमीदिया अस्पताल निरीक्षण: नहीं आए अवर मुख्य सचिव जुलानिया धरी रह गईं सारी तैयारियां, मरीजों के परिजन हुए परेशान

Deepesh Tiwari

Publish: Dec, 07 2017 12:05:59 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
हमीदिया अस्पताल निरीक्षण: नहीं आए अवर मुख्य सचिव जुलानिया धरी रह गईं सारी तैयारियां, मरीजों के परिजन हुए परेशान

राधेश्याम जुलानिया अपनी कार्यशैली से एक सख्त अफसर माने जाते हैं। पहली बार अस्पताल के निरीक्षण आएंगे...

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं और लगातार होने वाली दुर्घटनाओं के चलते यह अस्पताल हमेशा चर्चा में बना रहता है। अस्पताल में हर रोज आने वाले लापरवाही के मामलों को देखते हुए विभाग अब ने अब इस अस्पताल की चौकसी शुरू कर दी है।

इसी के चलते अस्पताल की व्यवस्थाओं को देखने व यहां का निरीक्षण करने अवर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया सुल्तानिया अस्पताल आने वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर जुलानिया ने अपना निरीक्षण दौरा रद्द कर दिया।

वहीं इससे पहले इस संबंध में जानकारी मिलते ही अस्पताल में साफ सफाई के काम जोरों पर शुरू हो गया। राधेश्याम जुलानिया अपनी कार्यशैली के चलते हमेशा ही चर्चा में रहे हैं, साथ ही वे एक सख्त अफसर माने जाते हैं। वे अव्यवस्थाओं के चलते वे पहली बार अस्पताल के निरीक्षण के लिए आ रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर जानकारी के अनुसार अस्पताल में परिजनों के रुकने की व्यवस्था नहीं होने के चलते यहां कड़ाके की ठंड कर बावजूद मरीजों के परिजन बच्चों के साथ बाहर बैठने को मजबूर हैं।

निरीक्षण रद्द नहीं आए जुलानिया:
सुबह से ही हमीदिया अस्पताल में निरीक्षण के लिए अवर मुख्य सचिव जुलानिया के आने की चर्चा चल रही थी, लेकिन करीब अचानक ही कुछ घंटे बाद जुलानिया ने निरीक्षण रद्द कर दिया। जिसके चलते अस्पताल प्रशासन की तैयारियां धरी रह गईं। वहीं इस दौरान मरीजों के परिजनों को भी परेशान होना पड़ा, क्योंकि सूत्रों के अनुसार जुलानिया के आगमन से टेंशन में आए प्रशासन ने अस्पताल को सुव्यवस्थित दिखाने की तैयारियों के तहत कई परिजनों को अस्पताल के बाहर कर दिया था साथ ही जुलानिया जी के जाने तक अस्पताल में प्रवेश नहीं करने की भी हिदायत दी थी। इस दौरान परिजन बाहर ही परेशान होते रहे।

अभी कुछ समय पहले ही हमीदिया अस्पताल में जूनियर डॉक्टर और परिजनों के बीच हुई मारपीट हो गई थी। ये घटना वीडियो में कैद हुई इससे 10 दिन पहले भी ऐसी ही घटना सामने आ चुकी थी। जिसके बाद एएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं।

इस मामले में एएसपी ने मामले की जांच के आदेश देते हुए कहा था कि रिपोर्ट आने के बाद दोषी डॉक्टर्स को बक्शा नहीं जाएगा। सख्ती से निपटते हुए उन पर कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल के बारे में ये भी जानें :

* 18 दिसंबर- सुसाइड केस में मरीजों ने शिकायत की तो जूडा ने परिजनों को पीटा, इसके बाद हड़ताल, चौकी खुली।
* 25 दिसंबर- मेडिसिन वार्ड दो में एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। लापरवाही का आरोप लगाया तो जूडा ने पीटा।
* 27 दिसंबर- सर्जिकल वार्ड दो में भर्ती अमीन के पिता को जूडा ने सिर्फ इस बात पर चांटा मार दिया कि उसने सीनियर से शिकायत कर दी थी।
* 01 जनवरी 2017- क्रिकेट के दौरान घायल हुए लड़के को समय पर उपचार नहीं मिला, गुस्साए दोस्तों ने हंगामा किया।
* 13 जनवरी 2017-एक मरीज की मौत के बाद जब शिकायत की गई तो जूडा ने परिजन की पिटाई कर दी।
* 08 जुलाई 2017- गर्भवती को खून ना मिलने पर मौत के बाद विरोध पर जूडा ने पीटा।
* 19 जुलाई 2017- जूडा ने अपने ही सीनियर को मारा, उसी दिन कमला नेहरू अस्पताल में जूडा ने परिजन को पीटा।
* 15 सितंबर 2017- मरीज को ओटी ले जाने के बावजूद ऑपरेशन नहीं किया, विरोध पर बेल्ट से मारा।

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