विधायक ने सिपाही को मारा घूंसा, लूटे कारतूस और मैग्जीन

बंदूक का बट सिर पर मारा!...

Deepesh Tiwari

September, 2810:08 AM

छतरपुर/भोपाल। घटना 16 नवंबर 2006 की रात करीब पौने तीन बजे की है। मामला छतरपुर से तत्कालीन सपा विधायक (अब कांग्रेस से राजनगर विधायक) विक्रम सिंह उर्फ नातीराजा का है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि नातीराजा पन्ना नेशनल पार्क से हिरण का शिकार करके लौट रहे हैं। पुलिस बमीठा थाना के बाहर चैकिंग कर रही थी। सिपाही राजेंद्र सिंह ने हाथ देकर नातीराजा को रोका, लेकिन वे रुके नहीं। अगले ही पल वाहन तेजी से पीछे आया।

विधायक स्वयं कार ड्राइव कर रहे थे। कार में तीन लोग सवार थे। तमतमाए विधायक ने सिपाही से कहा, तेरी रास्ता रोकने की हिम्मत कैसे हुई। उन्होंने सिपाही को घूंसा मार दिया। बंदूक का बट सिर पर मारा। उनके साथी मुन्ना सिंह ने भी लात-घूसे मारे। वे सिपाही से पांच जिंदा कारतूस सहित मैग्जीन भी लूटकर ले गए।

सिपाही की शिकायत पर विधायक पर अपराध क्रमांक 235/06 दर्ज हुआ। उन पर विभिन्न धाराएं लगाई गईं। अगले दिन तत्कालीन एसपी चंचल शेखर ने पुलिस बल के साथ विधायक के खजुराहो स्थित राजमहल पैलेस से उन्हें गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से लूटे गए कारतूस-मैग्जीन बरामद किए। बाद में नातीराजा जमानत पर रिहा हो गए।

हालांकि, उन्हें 20 मई 2016 को बरी कर दिया गया। इस फैसले के खिलाफ सरकार ने छतरपुर विशेष न्यायालय में अपील दायर की है। इसकी सुनवाई विशेष न्यायाधीश देवनारायण मिश्रा के यहां चल रही है। इसकी पेशी 20 नवंबर 2018 को है।

विवाद मामूली था, लेकिन उसे गंभीर बना दिया गया था। मुझे न्यायालय ने बरी कर दिया है। शासन की ओर से अपील हुई है, लेकिन मुझे अभी कोई नोटिस नहीं मिला है।
- विक्रम सिंह नातीराजा, कांग्रेस विधायक, राजनगर


प्रमोशन में आरक्षण पर फैसले का असर:-
वहीं दूसरी ओर प्रमोशन में आरक्षण को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कानूनी अध्ययन शुरू हो गया है। अजाक्स और सपाक्स सड़क पर संघर्ष के साथ फैसले का विधिक परीक्षण करा रहे हैं।

अजाक्स ने गुरुवार को इसके लिए विधिक राय ली। वहीं, सपाक्स एक-दो दिन में अधिवक्ताओं से परामर्श करके आगे कदम उठाएगा। इधर, प्रदेश सरकार भी विधिक परामर्श के आधार पर ही कोई कदम उठाएगी।

अजाक्स ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उसे गुरुवार को समय नहीं मिल पाया है। इसके चलते अजाक्स ने गुरुवार को इस फैसले पर विधिक राय लेने की शुरुआत कर दी है।

अजाक्स विधिक राय के आधार पर कोर्ट में याचिका लगाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्रियान्वयन कराने की मांग करेगा। दूसरी ओर सपाक्स ने क्रीमिलेयर को शामिल करने को बड़ा कदम बताते हुए अधिवक्ताओं से राय लेना तय किया है।

सूत्रों के मुताबिक सपाक्स फिलहाल इस मामले में कोर्ट जाने की बजाए प्रदेश सरकार के कदम का इंतजार करेगा। उसके बाद ही कानूनी कार्रवाई के लिए कोई कदम आगे बढ़ाएगा।

अब ब्राह्मणों के लिए कोष का विरोध
दूसरी ओर अजाक्स ने सरकार के ब्राह्मणों के लिए कोष बनाए जाने के फैसले के खिलाफ विरोध करना तय कर लिया है। प्रदेश सरकार ने बीती कैबिनेट में ही पुजारी कल्याण कोष बनाने को मंजूरी दी है। इसके खिलाफ अब अजाक्स ने मैदान में उतरना तय कर लिया है। अजाक्स का तर्क है कि ब्राम्हण विशेष के लिए कैसे कोई कोष बनाया जा सकता है।

किसकी क्या तैयारी
सीएम से मिलने का समय मांगा है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में है। इस फैसले का विधिक परीक्षण करा रहे हैं। इसके बाद कानूनी कदम भी उठाएंगे।
- एसएल सूर्यवंशी, महासचिव, अजाक्स

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्रीमिलेयर जोड़कर बड़ा कदम उठाया है। यह फैसला बेहद अच्छा है। इस पर कानूनी परामर्श ले रहे हैं। उसके हिसाब से आगे कार्रवाई तय करेंगे।
- डॉ. केदार सिंह तोमर, प्रांताध्यक्ष, सपाक्स

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दीपेश तिवारी
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