कोरोना मरीजों को डिस्चार्ज का नया क्राइटेरिया, अब 10 दिन में डिस्चार्ज हो सकेंगे मरीज

भोपाल, इंदौर, उज्जैन से बाहर जाने के लिए ई-पास जरूरी

भोपाल। प्रदेश में अब कोरोना मरीजों के लिए नया डिस्चार्ज क्राइटेरिया लागू किया गया है। इसके तहत जिन कोरोना मरीजों का स्वास्थ्य सही हो, कोरोना के लक्षण न हो और पिछले तीन दिनों से बुखार नहीं आ रहा हो तो अब उन्हें 10 दिन में डिस्चार्ज किया जा सकेगा। इसके बाद उन्हें 07 दिन होम आयसोलेशन में रहना पड़ेगा। वहीं रेड जोन में शामिल भोपाल, इंदौर और उज्जैन से बाहर जाने के लिए ई-पास अनिवार्य होगा। शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फीवर क्लीनिक ने भी काम करना चालू कर दिया है। कोरोना रिकवरी रेट बढ़कर 51 प्रतिशत हो गया है। सभी कलेक्टर्स जिलों में लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाएं तथा गाइडलाइन अनुसार दी गई छूट ही दी जाएं। उज्जैन जिले की समीक्षा में बताया गया कि उज्जैन जिले में 06 लाख 34 हजार व्यक्तियों का स्वास्थ्य सर्वे कर लिया गया है। जिले का नागदा क्षेत्र संक्रमण मुक्त हो गया है। आगामी दो-तीन दिन में ट्रॉमा सेंटर कोविड अस्पताल के रूप में कार्य करना चालू कर देगा। उज्जैन कलेक्टर को 10 और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

लक्ष्य से अधिक गेंहू खरीदी -

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गेहूं खरीदी के लिए बारदानों की व्यवस्था की जाए। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक 11 लाख 62 हजार मीट्रिक टन की खरीदी हो चुकी है। पंजीकृत 20 लाख पंजीकृत किसानों में से अभी तक 14 लाख 67 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना गेहूं बेचा है। इसलिए बारदाने की जरूरत पड़ेगी।

दीपेश अवस्थी Reporting
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