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कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति करेगी मंडीदीप के इंसीनरेटर की जांच

एनजीटी ने गठित की जांच समिति
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भोपाल

•

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Sunil Mishra

•

Sep 14, 2021

ngt

Order of NGT bypassed in bhilwara

भोपाल. एनजीटी ने मंडीदीप में इंडिया वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा संचालित कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए एक समिति गठित की है। रायसेन कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति को मौके का निरीक्षण कर और सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर 6 सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। एनजीटी ने इस संबंध संबंधित कंपनी के साथ मप्र शासन और एमपीपीसीबी से भी जवाब मांगा है। इस संबंध में विक्रम देनवार ने याचिका लगाई है, जिस पर ट्रिब्यूनल ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की। याचिका में बताया गया है की इस कॉमन फैसिलिटी द्वारा हजाड्र्स वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का उल्लंघन किया जा रहा है इसके साथ पर्यावरणीय अनुमति में जो शर्ते हैं उनका भी उल्लंघन हो रहा है। इसके बाद एनजीटी ने 3 सदस्यीय जांच समिति बनाई है। जिसमें कलेक्टर रायसेन के साथ सीपीसीबी के प्रतिनिधि और एमपीपीसीबी के प्रतिनिधि शामिल हैं। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को तय की गई है।

बैरसिया के इंसीनरेटर की भी चल रही सुनवाई
एनजीटी ने बैरसिया में संचालित इंसीनरेटर की शिकायत मिलने पर उसकी जांच के लिए भी समिति बनाई थी। याचिका में बताया गया कि बैरसिया के राथाताल गांव में बीएमडब्ल्यू सॉल्यूशंस कंपनी द्वारा कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फेसिलिटी का संचालन किया जा रहा है। इसमें पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। एमपीपीसीबी के निरीक्षण में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। रियल टाइम मॉनीटरिंग डाटा कैप्चर रेट यहां पर 4.69 प्रतिशत पाया गया है जबकि यह 85 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए। इससे स्पष्ट होता है कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियत तापमान पर नहीं हो रहा है। इससे समीपस्थ गांव पारदी, बंदीकलां, चांदबड़ कदीर, जैतपुरा, मुडियाखेड़ी, रायपुर गांव, बेरखेड़ी कलां, जगौनी जौरा, सुकलिया में रहने वालों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है। कॉमन फेसिलिटी के वाहनों में जीपीएस सिस्टम भी नहीं लगाया गया है।