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एयरपोर्ट-मुबारकपुर ग्रेड सेपरेटर का काम बंद, हादसा हुआ तो इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर ने पूछा कैसे हुई लापरवाही, चुप रह गए एनएचएआई-सीडीएस इंफ्रा के इंजीनियर
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एयरपोर्ट-मुबारकपुर ग्रेड सेपरेटर का काम बंद, हादसा हुआ तो इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई

एयरपोर्ट-मुबारकपुर ग्रेड सेपरेटर का काम बंद, हादसा हुआ तो इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई

भोपाल. आसाराम तिराहा ग्रेड सेपरेटर की रिटेनिंग वॉल और सीमेंटेड ब्लॉक के बाहर निकलने के मामले में एनएचएआई और सीडीएस इंफ्रा की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पिछले दो दिन से एनएचएआई और सीडीएस इंफ्रा के अफसर आसाराम ग्रेड सेपरेटर दोबारा बनवाने के मुद्दे पर केवल बैठकें ही कर रहे थे, जबकि तेज बारिश के चलते ग्रेड सेपरेटर की दीवारें और सड़क लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे थे।

इस मामले में जिला प्रशासन ने तीसरे दिन संज्ञान लिया और दोनों एजेंसियों के अफसरों को मौके पर तलब कर जमकर फटकार लगाई। प्रशासन की फटकार के बाद मुबारकपुर और एयरपोर्ट ग्रेड सेपरेटर का काम बंद कर दिया गया है। गुरुवार दोपहर बारिश के बीच कलेक्टर तरुण पिथोड़े, डीआईजी इरशाद वली और निगमायुक्त बी विजय दत्ता ने ग्रेड सेपरेटर की साइट का दौरा किया। इस दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमएल पुरबिया, प्रोजेक्ट मैनेजर सीडीएस इंफ्रा बलकार सिंह से कई सवाल किए गए जिनके वे जवाब नहीं दे सके। प्रशासन ने 221 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर गड़बडिय़ां सामने आने के बावजूद एक्शन नहीं लेने पर एनएचएआई के रवैये पर हैरानी जताई। कलेक्टर ने कहा कि प्रोजेक्ट में खामियों को दूर करने यदि इसे दोबारा बनाने की जरूरत है तो जल्दी फैसला लिया जाए। ठेका कंपनी सीडीएस इंफ्रा को चेतावनी दी गई है कि यदि क्षतिग्रस्त निर्माण की वजह से कोई दुर्घटना होती है तो कंपनी खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ब्रिज से अलग हो रही है सड़क, सीसी ब्लॉक खुले
कलेक्टर, डीआईजी और निगमायुक्त ने आसाराम तिराहा ग्रेड सेपरेटर का मुआयना किया। मौके पर देखा गया कि स्टेट हेंगर साइड से ग्रेड सेपरेटर पर जाने वाली मुख्य सड़क ऊपर पहुंचकर ब्रिज के लेंटर से अलग होकर धंस रही है। रिटेनिंग वॉल में बारिश का पानी जाने की वजह से सीसी ब्लॉक बाहर निकल रहे हैं जो कभी भी सर्विस रोड पर आकर गिर सकते हैं। एनएचएआई और सीडीएस इंफ्रा पिछले दो दिन से ग्रेड सेपरेटर को दोबारा बनाने के मुद्दे पर उलझी हुई है।

अफसरों को बचा रहा एनएचएआई
करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की परतें खुलने के बावजूद एनएचएआई अपने अफसरों को बचाने में जुटा है। कलेक्टर, डीआईजी, निगमायुक्त से पहले संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव, महापौर आलोक शर्मा, विधि मंत्री पीसी शर्मा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दे चुके हैं बावजूद एनएचएआई ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर एमएल पुरबिया, एनएचएआई इंजीनियर विनाक्षी दहत, सीडीएस इंफ्रा के प्रोजेक्ट मैनेजर बलकार सिंह, प्रदीप राय की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन अधिकारियों के जिम्मे ही ये प्रोजेक्ट जारी है।

एनएचएआई को इस मामले में गंभीरता से जांच करने कहा है। सीडीएस इंफ्रा के कंस्ट्रक्शन में कई जगह गड़बडिय़ां पाईं गई हैं। भविष्य में यदि कोई दुर्घटना होती है तो निर्माता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा बनाने के निर्देश दिए हैं।
तरुण पिथोड़े, कलेक्टर

एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट और मुबारकपुर ग्रेड सेपरेटर का कंस्ट्रक्शन रोक दिया है। प्रोजेक्ट हेंडओवर नहीं हुआ है इसलिए जो हिस्सा तकनीकी रूप से गलत निर्मित हुआ है उसे सीडीएस इंफ्रा को नए सिरे से बनाना ही पड़ेगा।
विवेक जायसवाल,एमपी हेड, एनएचएआई