अभी ज्ञापन दे रहे हैं, मांग नहीं मानी तो भोपाल का करेंगे घेराव

अभी ज्ञापन दे रहे हैं, मांग नहीं मानी तो भोपाल का करेंगे घेराव

Rohit Prasad Verma | Publish: Apr, 17 2018 10:03:43 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

संतों की सरकार को चेतावनी, - भोपाल सहित प्रदेश के ४२ जिला, तहसील मुख्यालयों पर संतों ने सौंपा ज्ञापन

भोपाल. संत-महंतों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मंदिरों से कलेक्टर प्रबंधन खत्म करने सहित लंबित मांगों को लेकर अभी हम ज्ञापन दे रहे हैं। एक पखवाड़े के अंदर संतों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदेश भर के संत भोपाल में एकत्रित होकर चारों कोनों से भोपाल का घेराव करेंगे। अपनी मांगों को लेकर साधु-संतों ने सोमवार को भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिला और तहसील मुख्यालयों पर जाकर मुख्यमंत्री के नाम मठ-मंदिरों, संत-पुजारियों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। भोपाल में भी साधु-संत भवानी मंदिर सोमवारा पर एकत्रित हुए।

यहां पूजा-अर्चना के बाद भवानी मंदिर से कलेक्ट्रेट तक रैली के रूप में जाना चाहते थे, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी मंदिर ही पहुंच गए, और रैली न निकालने की समझाइश देते हुए मंदिर के पास ही संतों से ज्ञापन ले लिया। अखिल भारतीय संतजन परमार्थ समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रामगिरि डंडा वाले बाबा ने बताया कि हम अभी शांति पूर्वक ज्ञापन दे रहे हैं, सरकार को १५ दिनों का समय दे रहे हैं, यदि हमारी नहीं सुनी, तो १५ दिनों के बाद भोपाल का घेराव करेंगे, इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सोमवार को प्रदेश में ४२ स्थानों पर हमारे साधु संतों ने ज्ञापन सौंपे। २३ अप्रैल को छिंदवाड़ा में भी संतों की बड़ी बैठक की जाएगी। प्रदर्शन में शंभुनानंद सरस्वती, महंत आनंदी गिरि, महंत गंगा प्रसाद आचार्य, महंत बाबूदास, शिवगिरि महाराज सहित अन्य साधु-संत उपस्थित थे।

 

संतों की समस्याओं से कम्प्यूटर बाबा को कोई सरोकार नहीं
कम्प्यूटर बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा देने पर महंत रामगिरि महाराज ने कहा कि कम्प्यूटर बाबा को संत, महंत, मठ, मंदिरों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। वे राज्यमंत्री बनकर सरकार में शामिल हो गए हैं, तो उन्हें चाहिए कि वे सरकार के सामने साधु संतों की पीड़ा को रखें और उसे हल कराएं, लेकिन वे खुद की मांग रख रहे हैं।

 

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