scriptPanchayat elections on OBC seats postponed in Madhya Pradesh | मध्यप्रदेश में ओबीसी सीटों पर पंचायत चुनाव स्थगित | Patrika News

मध्यप्रदेश में ओबीसी सीटों पर पंचायत चुनाव स्थगित

चुनाव आयोग ने देर शाम ओबीसी सीटों पर पंचायत चुनाव स्थगित कर दिया।

भोपाल

Updated: December 18, 2021 08:30:08 am

भोपाल. मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण प्रक्रिया पर शुक्रवार को दिन में सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने देर शाम ओबीसी सीटों पर पंचायत चुनाव स्थगित कर दिया। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद ने बताया कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पंच, सरपंच, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के पदों की निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।

मध्यप्रदेश में ओबीसी सीटों पर पंचायत चुनाव स्थगित
मध्यप्रदेश में ओबीसी सीटों पर पंचायत चुनाव स्थगित


आरक्षण रोटेशन प्रणाली का नहीं पालन
आयोग ने कार्यवाही के लिए सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दे दिए हैं। अन्य सीटों पर चुनाव कराने के संबंध में निर्णय बाद में लिया जाएगा। इधर, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी। उधर, याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा कोर्ट में पेश हुए, जबकि मप्र राज्य निर्वाचन आयोग का पक्ष एडवोकेट सिद्धार्थ सेठ और कार्तिक सेठ ने रखा। याची ने दलील दी कि मप्र में आरक्षण रोटेशन प्रणाली का पालन नहीं हुआ, जो कि संविधान की धारा 243 (सी) का उल्लंघन है। ग्रामीण-शहरी चुनाव में अंतर मत कीजिए।

चुनाव रद्द किया जा सकता है
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मप्र राज्य निर्वाचन आयोग को कहा कि ओबीसी आरक्षण के आधार पर पंचायत चुनाव नहीं कराए जाएं। ओबीसी सीटों को नए सिरे से अधिसूचित किया जाए। जस्टिस एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की बेंच ने पाया कि ओबीसी आरक्षण का नोटिफिकेशन सर्वोच्च अदालत के पूर्व में दिए गए विकास किशनराव गवली वर्सेस महाराष्ट्र राज्य के फैसले के खिलाफ था। कोर्ट ने यह भी कहा है कि कानून के खिलाफ जाकर कोई भी काम किया गया तो चुनाव रद्द किया जा सकता है।

'आग से मत खेलिए'

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 'कृपया आग से मत खेलिए। आपको स्थिति को समझना चाहिए। राजनीतिक मजबूरियों के आधार पर फैसले मत कीजिए। क्या हर राज्य का अलग पैटर्न होगा? सिर्फ एक संविधान है और आपको उसका पालन करना होगा। सुप्रीम कोर्ट भी एक ही है। यह चुनाव आयोग का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है। जब ऐसा ही एक आदेश दिया गया था, तब आप भी वहां थे। हम नहीं चाहते कि मध्यप्रदेश में कोई प्रयोग हो। महाराष्ट्र केस के हिसाब से इसे देखा जाना चाहिए।'

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

ससुराल में इस अक्षर के नाम की लडकियां बरसाती हैं खूब धन-दौलत, किस्मत की धनी इन्हें मिलते हैं सारे सुखGod Power- इन तारीखों में जन्मे लोग पहचानें अपनी छिपी हुई ताकत“बेड पर भी ज्यादा टाइम लगाते हैं” दीपिका पादुकोण ने खोला रणवीर सिंह का बेडरूम सीक्रेटइन 4 राशियों की लड़कियां जिस घर में करती हैं शादी वहां धन-धान्य की नहीं रहती कमीकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेशSharp Brain- दिमाग से बहुत तेज होते हैं इन राशियों की लड़कियां और लड़के, जीवन भर रहता है इस चीज का प्रभावमौसम विभाग का बड़ा अलर्ट जारी, शीतलहर छुड़ाएगी कंपकंपी, पारा सामान्य से 5 डिग्री नीचेइन 4 नाम वाले लोगों को लाइफ में एक बार ही होता है सच्चा प्यार, अपने पार्टनर के दिल पर करते हैं राज

बड़ी खबरें

Corona cases in india: पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2.35 लाख केस, 871 की मौत, संक्रमण दर हुई 13.39%UP Assembly Elections 2022: भाजपा ने किसानों से झूठा वादा किया, उन्हें धोखा दिया, प्रेस कांफ्रेंस में बोले अखिलेशदिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू खत्म, आज से नई गाइडलाइंस के साथ मेट्रो सेवाएं शुरूउत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2022 की डेट का ऐलान, जानें कितने सीटों के लिए और कब आएगा रिजल्टमुस्लिम वोटों को लुभाने के लिए बसपा ने किया बड़ा खेल, बाकी हैरानCISF Recruitment 2022: सीआईएसएफ में फायरमैन कांस्टेबल के लिए बंपर भर्ती, 12वीं पास आज से करें आवेदनखतरनाक साइड इफैक्ट : इलाज के बाद ठीक हुए मरीजों पर आइआइटी का शोध, खराब हो रहे ये अंगओमिक्रॉन के नए वैरिएंट की एंट्री, मरीजों के सैंपल भेजे दिल्ली, 1418 पुलिसवाले भी संक्रमित
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.