राष्ट्रपति से गवर्नर ने कहा- कलेक्टरों को दी गई कार्रवाई करने की छूट, सोशल डिस्टेन्सिंग पर फोकस

गवर्नर ने कहा-सरकार के साथ-साथ रेडक्रास तथा अन्य धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थायें भी अपने-अपने स्तर पर दवाई, भोजन आदि की व्यवस्था कर रही हैं।

By: Pawan Tiwari

Published: 28 Mar 2020, 07:56 AM IST

भोपाल. राज्यपाल लालजी टंडन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश में कोरोना की स्थिति की जानकारी दी और इस पर नियंत्रण के लिये किये जा रहे कार्यों और चिकित्सा प्रबंधों के बारे में बताया। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं राज्यपाल ने शुक्रवार को अपने-अपने निवास से विडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर इस रोग पर नियंत्रण के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना से बचाव के जो तरीके सुझाये गये हैं, उसमें प्रदेश के नागरिक सहयोग कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर लापरवाह लोगों को नियंत्रित भी किया जा रहा है।

राज्यपाल टंडन ने जानकारी दी कि प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को समय और परिस्थिति के अनुसार अपने स्तर पर कार्यवाही करने की छूट दी गयी है। सरकार के साथ-साथ रेडक्रास तथा अन्य धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थायें भी अपने-अपने स्तर पर दवाई, भोजन आदि की व्यवस्था कर रही हैं। शासन ने बंद अस्पतालों को अधिग्रहीत कर वहां भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। गांवों तक यह महामारी नहीं फैलाने पाए, इसके लिये समस्त शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को विद्यार्थियों के माध्यम से जागरूकता लाने का दायित्व सौंपा गया है। विद्यार्थियों से सोशल डिस्टेन्सिंग रखते हुए प्रदेश के नागरिकों को जागरूक करने के कार्य में सहयोग लिया गया है।

राज्यपाल ने कोरोना के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह त्रासद स्थिति बाहर (विदेशों) से आने वालों के कारण उत्पन्न हुई है। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में इसका प्रकोप ज्यादा है। शेष जिलों में एक-दो मामले सामने आये हैं। मध्यप्रदेश में कोरोना के कारण दो लोगों की मृत्यु हुई है, जिसमें उज्जैन जिले की बुजुर्ग महिला और एक युवा शामिल हैं।

राष्ट्रपति द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के प्रारंभ में महाराष्ट्र, केरला, कर्नाटक, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान और पंजाब-चंडीगढ़ के राज्यपालों ने अपने-अपने प्रदेश में कोरोना की स्थिति और उससे बचाव के लिये किये जा रहे प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी।

कॉन्फ्रेन्सिंग में उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू ने राष्ट्रपति और राज्यपालों के बीच समन्वयक की भूमिका का निर्वहन किया। उन्होंने सभी राज्यपालों से कहा कि वे प्रदेश के प्रथम नागरिक हैं। इस संकट से निपटने में उनकी बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है। अत: राज्यपाल प्रदेश में उपलब्ध सभी संसाधनों के साथ-साथ युवा और बुद्धिजीवी वर्ग का सहयोग भी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान प्राइवेट सेक्टर अपनी जिम्मेदारी समझें। केन्द्रीय विद्यालय, यूनिवर्सिटी, फार्मा स्टूडेंटस और मेडीकल से जुड़े रिटायर्ड लोग अपनी सेवायें दें। उन्होंने लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील करते हुए कहा कि वे अपना समय परिवार के साथ बितायें। अच्छी किताबें पढ़ें और योगा करें क्योंकि 'योर स्टेप आउट कोरोना इन'। वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग में राष्ट्रपति ने सभी प्रदेशों में कोरोना संघर्ष से निपटने में लगे सेवाकर्मियों को धन्यवाद दिया। देश के सभी नागरिकों से संकट की इस घड़ी में धैर्य, संयम और सहयोग की अपील की।

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