रामेश्वर बने प्रोटेम स्पीकर, 21 को होगा विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव

मंत्री पद नहीं मिलने के कारण मिली यह जिम्मेदारी

भोपाल। राज्यपाल आनंदी बने पटेल ने हजूर विधायक रामेश्वर शर्मा को विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। पूर्व प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा नेइस पद से इस्तीफा देकर मंत्री पद की शपथ ली है। रामेश्वर विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होने तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। वे मंत्री पद की दौड़ में थे, लेकिन मंत्री नहीं बनाए जाने के कारण उन्हें यह मौका मिला है।

 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन 21 जुलाई को विधानसभा का चुनाव होना है। इसी को ध्यान में रखते हुए रामेश्वर को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। वे दूसरी बार के विधायक हैं।

15वीं विधानसभा के तीसरे प्रोटेम स्पीकर -
मध्यप्रदेश विधानसभा के इतिहास में शायद यह पहला मामला है जब एक ही विधानसभा में तीसरा प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया हो। लेकिन 15वीं विधानसभा को प्रोटेम स्पीकर मिले। 15वीं विधानसभा के शुरूआत में दीपक सक्सेना, दूसरी बार जगदीश देवड़ा और तीसरी बार रामेश्वर शर्मा प्रोटेम स्पीकर बने।


क्या होता है प्रोटेम स्पीकर -

प्रोटेम शब्द लैटिन भाषा के शब्द प्रो टैम्पोर का संक्षिप्त रूप है। इसका अर्थ होता है - कुछ समय के लिए। जब लोकसभा या विधानसभा अपना स्थायी विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) नहीं चुन लेती तब तक के लिए इसकी नियुक्ति होती है। संसदीय परंपरा के मुताबिक सदन वरिष्ठतम सदस्यों में से किसी एक को प्रोटेम स्पीकर चुना जाता है, लेकिन आमतौर पर सत्तारूढ़ दल जिस विधायक का नाम प्रस्तावित करता है राज्यपाल उसे ही प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर देता है।

पीएस ने की सौजन्य मुलाकात —
रामेश्वर शर्मा के प्रोटेम स्पीकर बनने पर विधानसभा के प्रमुख सचिव
ए.पी. सिंह ने उनसे सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने सदन में विधायकों की बैठक व्यवस्था और सोशल डिस्टेंसिग के संबंध में चर्चा की। कोरोना संक्रमण के चलते सदन में इस बार सोशल डिस्टेंसिंग किसी चुनौती से कम नहीं है।

दीपेश अवस्थी
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