नारे लिखी तख्तियां और डंडों के सहारे नियमों का पालन कराने उतरी पुलिस

रस्म अदायगी में गुजर रहा सडक़ सुरक्षा सप्ताह, इ-चालान न स्पीड राडार, सडक़ पर खाली हाथ पुलिस...

By: Bharat pandey

Published: 25 Apr 2018, 07:11 AM IST

भोपाल। ट्रैफिक पुलिस का सडक़ सुरक्षा सप्ताह महज रस्म अदायगी तक सिमट कर रह गया है। अभियान के तहत सडक़ पर उतरी ट्रैफिक पुलिस के पास खुद ही नियम पालन कराने के लिए जरूर तकनीकी संसाधन नहीं हैं।

इसके चलते पुलिस केवल नारे लिखी तख्तियां और डंडों के सहारे ट्रैफिक जागरुकता का दम भर रही है। हालात यह कि शहर में पहले की तरह यातायात में आ रही बाधाएं बनी हुई हैं। बाजारों, मुख्य मार्गों पर पसरे अतिक्रमण पर किसी का ध्यान नहीं है। जिसकी वजह से सबसे अधिक ट्रैफिक वाधित होता है।

कारों की जांच नहीं, सिर्फ दोपहिया चालक राडार पर
अभियान में लगा ट्रैफिक पुलिस का अमला सिर्फ दो-पहिया चालकों की जांच तक सिमट कर रह गया है। पुलिस सिर्फ बिना हेलमेट वाले को पकडक़र चालानी कार्रवाई कर लेती है। जबकि कार, बस अन्य वाहनों को पुलिस रोकती तक नहीं है। पुलिस के राडार पर सिर्फ दो-पहिया चालक हैं।

 

दफ्तर में धूल फांक रहे यह संसाधन
इ-चालान डिवाइस: चालानी कार्रवाई के लिए पुलिस के पास १०० से अधिक इ-चालान डिवाइस हैं। डिवाइस से चालान काटने का फायदा यह था कि वाहन चालक ने कितनी बार ट्रैफिक नियम तोड़े, लेकिन पुलिस कागजी कट्टे पर ही चालान काटती दिख रही है।


स्पीड राडार: आधा दर्जन से अधिक स्पीड राडार हैं, लेकिन अभियान में शामिल पुलिस इसे साथ लेकर नहीं चलती। अभियान के दो दिन में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।


ब्रीथ एनालाइजर: दो दिनों में ट्रैफिक पुलिस को एक भी वाहन चालक नशे की हालत में वाहन चलाते नहीं मिला। इसकी वजह यह रही कि अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों के पास ब्रीथ एनालाइजर नहीं था।

 

प्रदूषण बोर्ड ने ९ ऑटो, ५ वाहनों पर की कार्रवाई
सडक़ सुरक्षा सप्ताह के दौरान नापतौल विभाग ने ९ ऑटो चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की है। इन ऑटो में मीटर नहीं लगे मिले। जिनमें लगे मिले वह बिगड़े हुए थे। इसी तरह प्रदूषण बोर्ड ने 5 वाहनों पर चालानी की कार्रवाही की है। वहीं, यातायात पुलिस ने प्रमुख चौराहों, तिराहों पर यातायात प्रदर्शनी लगाकर चालकों को ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरुकता का कार्यक्रम किया।

 

बिना हेलमेट दे रहे थे पेट्रोल तीन पंपों पर कार्रवाई
नो हेलमेट, नो पेट्रोल का नियम सख्ती से लागू करवाने के लिए खाद्य विभाग का अमला पिछले दो दिन से लगातार पेट्रोल पंपों पर जाकर कार्रवाई कर रहा है। मंगलवार को भी टीम ने गोलखेड़ी, रत्नागिरी और सोनगिरी के पेट्रोल पंपों पर जांच की तो यहां कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करते हुए बिना हेलमेट के चालकों को पेट्रोल दिया जा रहा था।

खाद्य विभाग ने तीनों पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केस बनाए हैं। अब ये केस कलेक्टर कोर्ट में चलेंगे। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ज्योतिशाह नरवरिया के अनुसार ये कार्रवाई अभी लगातार जारी रहेगी।

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