उपचुनाव में करेंगे कांग्रेस का विरोध

सत्याग्रही अतिथि शिक्षक बोले-

भोपाल। मांगों को लेकर अतिथि शिक्षकों का सत्याग्रह एक माह बाद भी जारी है। अब सत्याग्रही शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे मुरैना जिले के जौरा विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव में सरकार की वादा खिलाफी और नीतियों का विरोध कर मतदाताओं को प्रेरित करेंगे। संगठन के संस्थापक पीडी खैरवार ने बताया कि तीन महीने के भीतर नियमित करने का वचन देकर 13 महीने बाद तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। विगत एक माह से जारी जन सत्याग्रह अब किसी भी परिस्थिति में बिना ठोस निर्णय के समाप्त नहीं होगा और इसी स्थान पर बैठकर जौरा विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस की अतिथि शिक्षक विरोधी नीतियों का जमकर प्रचार.प्रसार किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित थे।

बैंक हड़ताल: संघ और सरकार को नोटिस
भोपाल। राष्ट्रीयकृत बैंकों में विभिन्न मुद्दों को लेकर होने वाली हड़ताल और आंदोलन के संबंध में ऑल इंडिया नेशनलाइज बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन (एआईएनबीओएफ) ने भारतीय बैंक संघ और सरकार को नोटिस दिया हैं। फेडरेशन की बैठक में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों में निजीकरण की प्रक्रिया पर सभी सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया। एआईएनबीओएफ के महासचिव जी.वि. मनिमारण ने कहा कि फेडरेशन, राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या कम करने का विरोध करती है। सरकार से इन कदमों को वापस लेने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का प्रभाव आम जनता पर बुरा पडऩे वाला है। संगठन ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को हड़ताल का आव्हान किया है। इसके बाद 11 मार्च से 13 मार्च के बीच राष्ट्रीय बैंक हड़ताल होगी। इस पर भी सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 1 अप्रैल से बैंकिंग क्षेत्र में अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।

लक्ष्य के नाम पर ग्रामीण डाक सेवकों को किया जा रहा परेशान
भोपाल। सरकार की योजनाओं को समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) लंबे समय से सरकार की उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं। लक्ष्य का हवाला देकर डाक विभाग जरूरत से ज्यादा काम ले रहा है। इस तरह की समस्याओं को डाक विभाग के अधिकारियों के सामने लाने के लिए कर्मचारियों ने डाक विभाग के स्थानीय मुख्य कार्यालय के सामने धरना देकर नारेबाजी की। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव रामसिंह धाकड़ ने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को अंजाम तक पहुंचाने वाले ग्रामीण डाक सेवक आर्थिक रूप से परेशान है। कम वेतन में उनसे ज्यादा काम लिया जा रहा है। इसके बाद भी जीडीएस को सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण डाक सेवकों की समूह बीमा की राशि 5 लाख रुपए तक बढ़ाई जाए।?धरना में बड़ी संख्या में ग्रामीण डाक सेवक मौजूद थे।

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Bharat pandey Desk
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