
भोपाल : पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि एक साल पहले मार्च में देश भर में लॉकडाउन इसलिए लगाया गया था क्योंकि कोरोना से निपटने को लेकर हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ संबंधी तैयारियाँ अधूरी थी, हमें कोरोना से लडऩे के सारे इंतजाम करना थे, जबकि कांग्रेस की सरकार गिराने के लिए व नमस्ते ट्रम्प जैसे आयोजनो के लिए वह निर्णय भी देरी से लिया गया और देश ने उसका खामियाजा भी भुगता लेकिन मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार में एक वर्ष बाद भी आज भी अस्पतालों में न इलाज, न बेड, न दवाई , न इंजेक्शन , न आक्सीजन, स्वास्थ्य सेवाएँ बदहाल, मौतों के आँकड़े बढ़ते जा रहे हैं, अराजकता की स्थिति है और सरकार पूरी तरह से कोरोना नियंत्रण में नाकाम साबित हुई है। शिवराज सरकार ने एक वर्ष में भी झूठ परोसने के अलावा कुछ नहीं किया। अभी भी कोरोना से निपटने की कोई ठोस कार्ययोजना नहीं, एक वर्ष बाद भी मुख्यमंत्री समाधान की बजाय सुझाव माँग रहे हैं। यह है शिवराज सरकार में एक वर्ष बाद भी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और वास्तविकता।
मजदूरों का पलायन शुरु,सरकार इंतजाम करे :
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जी, देश भर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कई राज्यों में लॉकडाउन लग चुका है, वहीं मध्यप्रदेश में कई जिलो में भी लॉकडाउन लग चुका है। लॉकडाउन व बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए देश भर में मजदूरों का पलायन एक बार फिर शुरु हो चुका है। वही तस्वीरें वापस सामने आने लगी हैं। हमारे प्रदेश के मजदूर भाई जो देश के विभिन्न हिस्सों में काम करते है, वे भी बड़ी संख्या में वापस अपने घरों को लौट रहे हैं। पिछले वर्ष हमने इन अप्रवासी मजदूरों की बेबसी व दर्दनाक भरी कई तस्वीरें देखी हैं, पहले की तरह की स्थिति इस बार भी ना बने, इसको देखते हुए सरकार वापसी कर रहे इन मज़दूरों- श्रमिकों के लिये अभी से तत्काल सारे पर्याप्त इंतजाम करे, आवश्यक सभी निर्णय ले, आवश्यक दिशा- निर्देश जारी करे।
Published on:
10 Apr 2021 07:31 pm
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