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आला अफसरों की टीम ने जांची जमीनी हकीकत

मेट्रो रेल प्रोजेक्ट-पहले फेज के स्टेशन बनाने टेंडर जारी करने की तैयारी, एम्स से करोंद तक एलाइनमेंट ओके, अफसरों ने दौरा कर समझी जरूरतें, सिविल वर्क के बाद स्टेशन फिर स्टडफार्म डिपो बनाने जारी होंगे वर्कऑर्डर

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आला अफसरों की टीम ने जांची जमीनी हकीकत

भोपाल. चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले सरकार मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करने की पूरी तैयारी में है। बुधवार को मंत्रालय एवं जिला प्रशासन की एक टीम ने पहले फेज में बनने वाले रूट नंबर दो पर एम्स से करोंद तक के रास्ते का भौतिक निरीक्षण किया।

- पहले फेज के लिए सुभाष नगर तक कुल आठ मेट्रो स्टेशन बनाने टेंडर जारी

एमपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन अब सिविल कंस्ट्रक्शन टेंडर जारी करने के बाद पहले फेज के लिए सुभाष नगर तक कुल आठ मेट्रो स्टेशन बनाने टेंडर जारी करने जा रहा है। इसके ठीक बाद स्टडफार्म की जमीन पर मेट्रो रेल का डिपो बनाने का टेंडर जारी किया जाएगा और इसके बाद सुभाष नगर से आगे के रूट बनाने के टेंडर का नंबर आएगा। यूरोपियन डेवलपमेंट बैंक की स्टेप लोन शर्त को पूरा करने टुकड़ों में इस प्रोजेक्ट के टेंडर जारी होने हैं।

सितंबर में जारी होगा वर्क ऑर्डर

इधर पहले फेज का सिविल कंस्ट्रक्शन करने वाली जापान, यूके सहित सात स्वदेशी कंपनियों की तैयारी परखने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। कार्पोरेशन का दावा है कि सितंबर के पहले पखवाड़े में किसी एक कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। जिसके बाद से मेट्रो रेल का काम शुरु हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक अनुमान है कि 2019 में प्रदेेश की राजधानी को की निजी और सार्वजनिक सौगात मिलने है।

कलक्टर तैयार करेंगे अधिग्रहण योजना
रूट नंबर दो यानि एम्स से करोंद तक कुल 14.3 किमी लंबे रास्ते के लिए जमीनों का अधिग्रहण जिला प्रशासन करेगा। कलक्टर सुदाम खाडे, इएनसी जितेंद्र दुबे सहित राजस्व विभाग के अफसरों ने बुधवार को जमीनों का मुआयना किया। संबंधित तहसीलदारों को प्रस्ताव तैयार करने कहा गया है।

ये हैं प्रस्तावित स्टॉपेज
एम्स
अलकापुरी
हबीबगंज नाका
मानसरोवर कॉम्लेक्स
प्रगति पेट्रोल पंप
बोर्ड ऑफिस
डीबी सिटी मॉल
सुभाष नगर

पहले फेज में ज्यादातर जमीन सरकारी हैं। जो निजी जमीन हैं उनका अधिग्रहण करने रेकॉर्ड देखकर प्रस्ताव बनाने होंगे।
- सुदाम खाडे, कलक्टर भोपाल