कुछ भला कब किसी से मिलता है

कुछ भला कब किसी से मिलता है

hitesh sharma | Publish: Jul, 14 2018 08:23:33 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

स्वराज भवन में बुक लॉन्चिंग व कविता पाठ का आयोजन

भोपाल। प्यार की बारिशों का यह पानी आंख कि हर नदी से मिलता है... कुछ इसी तरह की पंक्तियां स्वराज भवन के सभागार में गूंजीं मौका था एक गर्लफ्रेंड की दुनिया किताब के विमोचन के अवसर पर युवा कविता पाठ का, जिसमें शहर के उदीयमान युवा कवियों ने अपनी बेहतरीन प्यार की कविताएं पढ़कर सबके दिल में छुपे हुए हॉर्स मीठे मगर प्रेम के पीड़ित भाव को जगा कर सब की तालियां बटोरीं ।

कार्यक्रम की शुरुआत सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत दुबे ने काश वह कोहरा ही होता कविता सुनाकर भोपाल गैस त्रासदी पर दुख प्रकट किया। सत्यम सत्येंद्र पांडे ने नर्मदा का मतलब अमरकंटक से खंभात की खाड़ी तक/ पानी की धारा से नहीं है / जैसे कागज पर बने नक्शे को/ तुम एक देश का नाम नहीं दे सकते कविता सुनाकर नर्मदा के प्रति अपने मातृत्व प्रेम को दर्शाया।

साथ ही शिवानी गोडबोले, प्रतीक सिंह चौहान योगिता विश्नोई संस्कृति शंकर, नर्मदा अस्पताल मे चिकित्सक डॉ. कमलेश कुमार पटेल, प्रकृति दोषी, नागेंद्र पांडे , अस्मा खान निकिता पाराशर ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की । कार्यक्रम के अंत में शुभम चौहान ने "तुमने कहां प्रकृति ईश्वर है, आज गंगा का मंद मंद स्वर है" एवं नदियों में डाला कबाड़, तभी तो आई बाढ" रचना पढ़ी। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. आरएस नरवरिया व काव्य पाठ मे डॉ. सुरेंद्र शुक्ला रहे।

इस अवसर पर जीवन की कोचिंग के संचालक व कोलाज कला के प्रधान संपादक रविंद्र स्वप्निल प्रजापति ने कहा जीवन अनलिमिटेड है और थोड़े से तनाव में आकर जो की अक्सर ब्रेकअप से उपजता है अथवा पढ़ाई में असफलता से उपजता है आत्महत्या करना कायरता है पूछा अपन है हमें जिंदगी के विशाल पैमानों को तलाशना होगा और यह विशाल पैमाना है संपूर्ण सृष्टि के प्रति आपका विशाल प्रेम। कार्यक्रम का संचालन गब्बर सिंह व आभार सुनील कुमार साहू ने व्यक्त किया।

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