यूपी के इस सीट पर कम मतदान होने से नेताओं की फूली सांसें

यूपी के इस सीट पर कम मतदान होने से नेताओं की फूली सांसें

Iftekhar Ahmed | Publish: Apr, 18 2019 09:07:03 PM (IST) | Updated: Apr, 18 2019 09:07:04 PM (IST) Bijnor, Bijnor, Uttar Pradesh, India

  • बिजनौर लोकसभा सीट पर बदल सकते हैं चुनावी समीकरण
  • नगीना लोकसभा सीट में 5 विधानसभा में आती हैं
  • 21 परसेंट दलित मतदाता और 50 परसेंट मुस्लिम हैं मतदाता

बिजनौर. नगीना सुरक्षित लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में गुरुवार को मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे खत्म हो गया। इस लोकसभा सीट के लिए 5 विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने मतदान करके अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ये तो 23 मई मतगणना के बाद ही पता चल सकेगा कि बिजनौर की जनता ने किसे अपना सांसद चुनकर लोकसभा में भेजने का काम किया है। लेकिन पिछले चुनाव से कम मतदान होने की वजह से राजनीतिक गुना भाग का काम अभी से शुरू हो गया है। वहीं, कम मतदान होने से खास तौर पर भाजपा को नुकसान होने के क्यास लगाए जा रहे हैं। माना ये जा रहा है कि सुरक्षित सीट होने की वजह से सवर्ण मतदाता घर से बाहर नहीं निकले, जबिक दलित एवं मुसलमानों ने जमकर वोटिंग की। ऐसे में यहां भाजपा को नुकसान होने आशंका जताई जा रही है।

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दरअसल, नगीना लोकसभा सीट में 5 विधानसभा में आती हैं। इसमें नगीना, धामपुर, नहटौर, नूरपुर और नजीबाबाद है। इस सीट पर वैसे तो 21 परसेंट दलित मतदाता है और 50 परसेंट मुस्लिम मतदाता है। इस सीट पर अभी बीजेपी प्रत्याशी डॉ यशवंत सिंह और गठबंधन प्रत्याशी गिरीश चंद में प्रमुख मुकाबला देखने को मिला है। ये तो 23 मई को पता चलेगा कि कांग्रेस की प्रत्याशी ओमवती जाटव को मुस्लिम जनता कितना अपनाती है या नकारती है।

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अगर मुस्लिम मतदाता कांग्रेस प्रत्याशी की तरफ भटकता है तो ये सीट एक बार फिर से बीजेपी खाते में जा सकती है। अबकी बार यहां के मतदाता ने बढ़ चढ़कर मतदान किया है। बिजनौर लोकसभा सीट पर पिछली बार यहां के मतदाताओं ने 64.67 परसेंट वोट देकर बीजेपी के डॉ. यशवंत सिंह को इस सीट से सांसद चुना था, जबकि अबकी बार बिजनौर में पिछली साल से 3 परसेंट कम यानी 62.05 परसेंट ही मतदान हुआ है, लेकिन अबकी बार यहां की जनता ने किसका को नकारा है और किसको अपनाया है। इसका पता 23 मई की मतगणना के बाद चलेगा।

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