OMG! पार्कों में बच्चे खेले तो होंगे हादसों के शिकार

चिल्ड्रन पार्क की व्यवस्था बच्चों को स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बनाने के लिए होती है और इसमें वे खुशनुमा माहौल में खेल सके।

By: dinesh kumar swami

Published: 04 Jan 2018, 10:18 AM IST

बीकानेर . चिल्ड्रन पार्क की व्यवस्था बच्चों को स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बनाने के लिए होती है और इसमें वे खुशनुमा माहौल में खेल सके। लेकिन रतन बिहारी मंदिर परिसर स्थित चिल्ड्रन पार्क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। इस पार्क के हर कोने में पड़े कचरे के ढ़ेर और गंदगी, टूटे झूले, पार्क की असमतल जमीन, झूलों के पास पड़े गढ्ढे इस चिल्ड्रन पार्क की दुर्दशा को बयां कर रहे है।

 

प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे बच्चे पार्क में फैली गंदगी, कचरे के बीच खेलने को मजबूर हैं। पार्क परिसर का अस्वच्छ माहौल यहां खेल रहे बच्चों को तंदुरूस्त बना रहा है या बीमार इसकी ओर महज एक नजर देखने से मालूम हो रहा है। टूटे झूलों से बच्चे प्रतिदिन गिर रहे हैं।

 

पार्क परिसर के एक ओर जमीन में बने दर्जनों बिल जमीन को ऐसी स्थिति में पहुंचा चुके हैं कि खेलते-खेलते बच्चे कभी भी इस जमीन के धंसने से बनने वाले गढ्ढे में गिरकर घायल हो सकते हैं। अपने बच्चों को लेकर यहां पहुंच रहे उनके माता-पिता और परिजन भी इस पार्क की दुर्दशा को देखकर दु:खी हैं।

 

न दूब, ना देखभाल
चिल्ड्रन पार्क को देखकर सहज ही यह अनुमान लगाया जा सकता है कि जिस विभाग के पास इस पार्क की देखभाल का जिम्मा है वह इस ओर ध्यान भी दे रहा है। पार्क में जगह-जगह पड़े गढ्ढे, असमतल जमीन, टूटे झूले इसकी दुर्दशा को बयां कर रहे हैं। पार्क में चाहे दूब ना लगे मगर बच्चों के खेलने के लिए पड़ी खुली जमीन की दयनीय स्थिति इस पार्क की उपेक्षा को बयां कर रही है।

 

सफाई की ओर नहीं ध्यान
रतन बिहारी चिल्ड्रन पार्क कचरे और गंदगी का ठिकाना बना हुआ है। पार्क के दीवारों की ओर कचरे के ढेर और गंदगी फैली हुई है। बच्चों के खेल मैदान में चारों और पॉलीथिन की थैलियां और कचरा पड़ा है। पार्क को देखकर नहीं लगता है कि यहां कभी सफाई भी हो रही है। पार्क की सफाई की ओर संबंधित विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

 

बच्चे सुरक्षित नहीं
इस चिल्ड्रन पार्क की दुर्दशा हो रखी है। यहां न सफाई है और ना ही झूलों की सही स्थिति। चारों और गंदगी तथा कचरा फैला हुआ है। यहां खेल रहे बच्चों में गंदगी और कचरे के कारण इंफेक्शन होने व बीमार होने का खतरा बना रहता है। टूटे झूलों व गढ्ढों के कारण आए दिन बच्चे गिरकर घायल हो रहे हैं। गंदगी, कचरे, असमतल जमीन और टूटे झूलों के कारण यहां बच्चे सुरक्षित नहीं है।
मोहम्मद इशहाद, अभिभावक

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